लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया दुर्गा अष्टमी का पर्व, कन्याओं का पूजन कर लिया आशीर्वाद
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) कस्बे सहित उपखंड क्षेत्र में दुर्गा अष्टमी का पावन पर्व पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सोमवार को अष्टमी पूजन करने वाले श्रद्धालुओं ने सुबह सबसे पहले मंदिरों में जाकर मां दुर्गा की विशेष आराधना की। इसके पश्चात घरों में कन्याओं को आमंत्रित कर उनका विधिवत पूजन किया गया और व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने अपना व्रत खोला।
- पैर धोकर तिलक लगाया, परोसी गई हलवा-पूरी
अष्टमी के अवसर पर सुबह से ही घरों में विशेष तैयारियां देखने को मिलीं। लोग मोहल्लों में जाकर कन्याओं को निमंत्रण देते नजर आए। घरों में कन्याओं के प्रवेश पर श्रद्धालुओं ने उनके जल से चरण धोए, माथे पर कुमकुम का तिलक लगाया और हाथों में मौली बांधी। इसके बाद 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को हलवा, पूरी, खीर और काले चने का प्रसाद श्रद्धा के साथ जिमाया गया। भोजन के पश्चात कन्याओं को उनकी सामर्थ्य के अनुसार उपहार व दक्षिणा दी गई, जिससे क्षेत्र में दोपहर तक कन्या जिमाने का सिलसिला जारी रहा।
- सुख-समृद्धि का वरदान देती हैं मां दुर्गा
पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि नौ देवियों के रूप में नौ कन्याओं के पूजन के बाद ही नवरात्रि का व्रत सफल होता है। माँ के भक्तों ने कन्याओं की पूजा कर अपना व्रत पूरा किया और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें सच्चाई के मार्ग पर चलने और जीवन से बुराइयों का नाश करने की प्रेरणा देता है। आज बेटियां हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर देश का नाम रोशन कर रही हैं, इसलिए हम सभी को बेटियों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लेना चाहिए।

