लक्ष्मणगढ़ में जैन चेतना रथ यात्रा का भव्य स्वागत; भगवान महावीर की प्रतिमा का हुआ पूजा-अभिषेक और शांतिधारा
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) कस्बे में रविवार दोपहर जैन चेतना रथ यात्रा का भव्य आगमन हुआ। रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा व सद्भाव के सिद्धांतों का जन-जन तक प्रचार-प्रसार करना तथा हरियाणा के कासन (गुरुग्राम) में निर्माणाधीन 'भगवान महावीर अनुसंधान केंद्र एवं गुरुकुल' के लिए आर्थिक सहयोग जुटाना है।
नगर सीमा में रथ यात्रा के पहुँचने पर समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और जैन समाज के पदाधिकारियों ने पुष्प वर्षा व मंगल गीतों के साथ भव्य स्वागत किया। रविवार शाम को श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक आरती का आयोजन किया गया।
- शांतिधारा एवं धर्मसभा का आयोजन
सोमवार प्रातः रथ में विराजमान तीर्थंकर भगवान महावीर की प्रतिमा का श्रावकों द्वारा सामूहिक रूप से पूजा-अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इस अवसर पर क्षेत्र व देश में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए रथ संयोजक विद्वान पंडित अंकित जैन शास्त्री ने भगवान महावीर के 'जियो और जीने दो' तथा अहिंसा के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरुकुल निर्माण हेतु इच्छानुसार दान राशि समर्पित की।
- कठूमर के लिए प्रस्थान
पूजा-अर्चना के उपरांत रथ यात्रा को नगर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा के रूप में स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर ले जाया गया। तत्पश्चात सोमवार दोपहर को रथ यात्रा अपने अगले पड़ाव कठूमर के लिए रवाना हो गई। आयोजन के दौरान नागौर निवासी यात्रा संयोजक महिपाल पहाड़िया, जैन समाज अध्यक्ष सुमेरचंद जैन, ज्ञान चेतना नवयुवक मंडल अध्यक्ष धीरज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

