अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश तीन बदमाश गिरफ्तार, कब्जे से 19 चोरी के फोन और स्विफ्ट कार बरामद; मेवात भेजे जाते थे फोन
जयपुर (राजस्थान) राजधानी की सिंधी कैंप थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जयपुर सहित विभिन्न इलाकों से मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे और चोरी के इन फोनों को मेवात (हरियाणा) भेजते थे, जहाँ इनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार जब्त की है।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गिरोह का सरगना मोईन उर्फ शाहरुख (25) निवासी रामगंज (जयपुर), मोहम्मद अनस (28) निवासी आमेर (जयपुर) और हसीब मेव (22) निवासी नगीना (हरियाणा) हाल शारदा कॉलोनी, जयसिंहपुरा खोर (जयपुर) शामिल हैं।
- ओएलएक्स पर फेक बिल से बेचते थे मोबाइल
बीती 4 अक्टूबर को उत्तराखंड निवासी मोहम्मद अनस ने सिंधी कैंप थाने में मोबाइल चोरी का मामला दर्ज करवाया था। जांच के दौरान तकनीकी सहायता से पता चला कि चुराया गया मोबाइल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओएलएक्स पर बेचा गया है। पुलिस ने ब्यावर के एक व्यक्ति से वह मोबाइल बरामद किया, जिसने पूछताछ में बताया कि उसने ओएलएक्स के जरिए 5 हजार रुपए में यह फोन खरीदा था।
जांच में सामने आया कि सरगना मोईन खुद और सूखा नशा करने वाले लड़कों से जयपुर व अन्य जिलों में मोबाइल चोरी करवाता था। इसके बाद वह अपने साथी मोहम्मद अनस के जरिए ये फोन आरोपी हसीब मेव को 3 से 5 हजार रुपए में बेच देता था। अनस और हसीब अच्छी कंडीशन वाले मोबाइलों के फर्जी (फेक) बिल तैयार कर उन्हें ओएलएक्स के माध्यम से आम लोगों को बेच देते थे।
- साइबर फ्रॉड के लिए मेवात भेजे जाते थे फोन
पुलिस पूछताछ में मुख्य खुलासा यह हुआ है कि मूल रूप से मेवात का रहने वाला आरोपी हसीब मेव, 20-25 मोबाइल इकट्ठे होने पर इन्हें 1 से 2 हजार रुपए के मुनाफे पर अपने साथियों के जरिए मेवात (हरियाणा) भेज देता था। इन चोरी के फोनों का उपयोग मुख्य रूप से साइबर फ्रॉड करने के लिए किया जाता था।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अब तक करीब 150 से 200 मोबाइल मेवात भेजने की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठिकानों का भी पता लगाया जा सके।

