जाने क्या है राजस्व रिकॉर्ड में की गई अशुद्धि को सही कराने के नियम - पूर्व तहसीलदार सैनी

Mar 15, 2024 - 18:28
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जाने क्या है राजस्व रिकॉर्ड में की गई अशुद्धि  को सही कराने के नियम - पूर्व तहसीलदार सैनी

प्रत्येक ग्राम में सैकडों  प्रकरण इस प्रकार के मिल जाएंगे जिनमें खातेदारी भूमि का रिकार्ड दुरुस्त नहीं है किसान जाने अनजाने में न्यायालयों  के चक्कर लगाते रहते हैं जिससे समय व  धन का अपव्यय  तो होता ही है साथ ही आपसी सद्भाव भी खतरे में पड़ जाता है। उदाहरण स्वरूप खेत का नक्शा छोटा या बड़ा है जबकि क्षेत्रफल जमाबंदी में सही है। कहीं खातेदार का नाम पिता का नाम अशुद्ध है कहीं सहखातेदारों  के हिस्सों में भिन्नता है कहीं जाति  सही नहीं है कहीं मनमर्जी से रास्ते का अंकन नक्शे  में कर दिया जबकि मौके पर वह रास्ता न तो था व न अब है। इन सभी खामियों  को दूर करने के दो तरीके हैं-
1.उपखंड अधिकारी /भूमि अभिलेख अधिकारी के न्यायालय में प्रार्थना पत्र के द्वारा-
ऊपर वर्णित गलतियों  या अन्य किसी प्रकार की राजस्व रिकॉर्ड की शुद्धि के लिए राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 136 के अंतर्गत रिकॉर्ड दुरुस्ती का प्रार्थना पत्र उपखंड अधिकारी के यहां पेश किया जाएगा यदि सेटलमेंट कार्यवाही विचाराधीन है तो भूमि अभिलेख अधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। रिकॉर्ड दुरुस्ती के आवेदन में यह सिद्ध करना होगा कि वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड अशुद्ध है शुद्ध करने का आधार पेश करना होगा जैसे सेटलमेंट से पूर्व भूमि का क्षेत्रफल 10 बीघा(2.53हेक्टर )था और वर्तमान में उसका क्षेत्रफल 2 हेक्टर ही है इसको सिद्ध करने के लिए सेटलमेंट पूर्व की जमाबंदी मिलान क्षेत्रफल व वर्तमान जमाबंदी संलग्न की जावेगी।यदि अन्य पक्ष कार प्रभावित हों तो उन्हें पक्षकार बनाया जाएगा।इसी प्रकार नक्शे  में गलती को सुधारने हेतु दोनों(गत व वर्तमान)नक्शे  की प्रति के साथ मिलान क्षेत्रफल लगाना होगा। हिस्सा जाति या नाम छोड़ दिया हो तो भी यही प्रक्रिया अपनानी होगी। 
2.शुद्धि पत्र(फर्द बदर ) के द्वारा दुरुस्ती -
यदि एक जमाबंदी से दूसरी जमाबंदी में लेखन के दौरान किसी प्रकार की लिपिकीय भूल से रिकॉर्ड में गलत इंद्राज (जैसे नाम हिस्सा जाति आदि) हो जाए तो राजस्थान भू अभिलेख नियम 1957 के नियम 166 में प्रावधान किया गया है कि ऐसी अशुद्धि  को पटवारी /तहसीलदार के ध्यान में लाया जावे। पटवारी प्रपत्र पी 27-27 (ग )में  इंद्राज कर तहसीलदार के समक्ष पेश करेगा कि अमुक गलती एक से दूसरी जमाबंदी में भूल से दर्ज  हो गई।तहसीलदार परीक्षण  कर दुरुस्ती को प्रमाणित कर देगा जिसका नोट जमाबंदी के विशेष विवरण में लगाकर दुरुस्त कर देगा।

  • सुमेरसिंह राव 

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