छोटे किसानों के साथ धोखा, कृषि कानून वापस लेने का निर्णय गलत और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण- शर्मा

किसान को कुछ समय बात इस कानून की जरूर आएगी याद

छोटे किसानों के साथ धोखा, कृषि कानून वापस लेने का निर्णय गलत और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण- शर्मा

दिल्ली (बृजेश शर्मा) एक ईमानदार  देश  हित में कार्य करने वाले प्रधानमंत्री के विशाल ह्वदय  होने का प्रमाण पुख्ता हुआ। परिणाम कैसा होगा भविष्य के गर्भ में  है। ये कृषि कानून वापस लेने का निर्णय गलत और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। छोटे किसानों के साथ धोखा है।

मेरी राय मे तीनो कृषि कानून वापस होने के कुछ महिनो बाद सारे किसान मालामाल हो जायेंगे. अंबानी अडाणी  टाटा बिरला द्वारा हड़पी गई किसानो की जमीन उन्हे मिल ही जायेगी. किसानो की सभी फसलें एमएसपी से भी ऊंची दरों खरीद प्रारंभ हो जायेगी. किसान व उपभोक्ता के बीच से बिचोलिये एकदम गायब हो जायेंगे. किसानो को फ्री बिजली पानी मिलना शुरू हो जायेगा. सस्ती दर पर खाद बीज मिलना शुरू होगा. मोदीजी ने यह सब रोक दिया था. ईश्वर करे ऐसा ही हो.ऐतिहासिक फैसला मोदी ने फिर साबित किया उनके लिए देश सबसे बड़ा 
किसानों की आड़ में खालिस्तानी आग से खेलने का ख्वाब देखने वालों को अब सामने से आना पड़ेगा असली लीडर ही खुद सामने आकर ऐसे बड़े फैसले ले सकता है
अगले 30 साल तक कृषि सुधार भूल जाओ। छोटे किसानों का हित राजनीति की बलि हो गया। 
मोदी ने कोशिश की, लेकिन किसानों ने साथ नहीं दिया।
देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण दिन। बड़ी SUV गाड़ियों में घूमने वाले धनवान बिचौलियों ने छोटे किसानों के हित में बनाए गए ऐतिहासिक कानूनों को अपनी जिद से वापस करवा दिया। विपक्ष की भी निंदनीय भूमिका रही जिसने किसानों को राजनीतिक लाभ के लिए बरगलाया। अब तो कोई प्रधानमंत्री देशहित में बड़े ऐतिहासिक फैसले लेने और सुधार लाने में हिचकेगा।