विद्यालय भवन एवं खेल मैदान की जमीन के लिए संघर्ष जारी रहेगा- प्रधानाचार्य संगीता गौड़

जीतेंगे हम ये वादा करो, कोशिश हमेशा ज्यादा करो।। किस्मत भी रूठे पर हिम्मत ना टूटे मजबूत इतना इरादा करो
राजगढ़ (अलवर):- राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बालेटा एक ऐसा सरकारी विद्यालय है जिसमे मात्र तीन कमरों मे सीनियर स्तर की कक्षाओ का अध्यापन कार्य चल रहा है। दो वर्ष पूर्व इस विद्यालय को क्रमोन्नत किया गया था। क्रमोन्नत होने के बाद इस विद्यालय मे प्रधानाचार्य का पदभार संगीता गौड़ ने ग्रहण किया। जब संगीता गौड़ ने इस विद्यालय मे कार्यभार ग्रहण किया तो वो इस विद्यालय की स्थिति को देखकर बहुत अचंभित हो गयी। विद्यालय मे मात्र तीन कमरे, टूटा फूटा चौक ,वो भी बहुत छोटा। तब प्रधानाचार्य ने संकल्प लिया की इस विद्यालय के लिए कुछ ना कुछ कर के दिखाना है। अपने इसी संकल्प के लिए उन्होंने विद्यालय भवन एवं खेल मैदान के लिए जमीन की व्यवस्था मे लग गयी। क्योंकि विद्यालय मे नामांकन अधिक था और तीन कमरों मे इतने बच्चों की पढ़ाई हो पाना बहुत मुश्किल हो रहा था। इस से बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर हो रहा था। सबसे पहले उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों एवं भामाशाओ से मिलकर इस समस्या के बारे मे अवगत कराया लेकिन कोई बात नहीं बनी। तब गौड़ ने इस समस्या को पूर्व में जिला कलेक्टर जीतेन्द्र सोनी को बताया। उन्होंने गौड़ को भरोसा दिलाया की आपके विद्यालय के नए भवन की जमीन हेतु हम प्रयास करेंगे लेकिन कुछ दिनों बाद उनका वहां से तबादला हो गया। उसके बाद उनकी जगह पर पुखराज सेन ने अलवर कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया।
संगीता गौड़ माननीय कलेक्टर महोदय पुखराज से मिली और उन्हें विद्यालय मे हो रही असुविधाओ के बारे मे बताया। जिला कलेक्टर ने गौड़ के द्वारा किये जा रहे इस प्रयास की बहुत सराहना की। जिला कलेक्टर ने उनकी इस समस्या के बारे मे सम्बंधित अधिकारियो से बात कर रिपोर्ट बनाने को कहा। लेकिन कहते है ना की एक बार मे सफलता कहा मिलती है और गौड़ को कुछ उम्मीद की किरण नजर आई उस से पहले ही पुखराज का तबादला हो गया। फिर भी प्रधानाचार्य ने हिम्मत नहीं हारी और विद्यालय भवन की जमीन के प्रयास करती रही। इस सम्बन्ध मे उन्होंने बहुत बार बड़े अधिकारियो एवं जनप्रतिनिधि को ज्ञापन भी दिया। अभी कुछ समय पहले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अलवर आये तो गौड़ ने उन्हें भी पत्र दिया तो शिक्षा मंत्री ने वहां मौजूद कैबिनेट मंत्री संजय शर्मा को इस समस्या के निवारण करने के लिए कहा। दो दिन बाद गौड़ दुबारा संजय शर्मा से मिली और विद्यालय मे बच्चों की पढ़ाई मे हो रहे नुकसान के बारे मे बताया।
उसका नतीजा ये निकला की जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता के पास जब ये केस गया तो उन्होंने इसे स्पेशल केस मानते हुए इस पर त्वरित रिपोर्ट बना कर भेजनें को कहा। गौड़ ने जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता से मिलकर गांव मे उपलब्ध जमीन के बारे मे बताया लेकिन वो जमीन क़ृषि विभाग के अधीन है। इस पर गौड़ कृषि विभाग के जॉइंट डायरेक्टर से मिली और उन्हें बताया की अगर आप आपके विभाग की जमीन हमें विद्यालय भवन हेतु दे सकते तो बच्चियों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो सकती है। इस बात से सहमत हो कर जॉइंट डायरेक्टर ने राजगढ़ कार्यालय से रिपोर्ट मांगी लेकिन कोई बात नहीं बनी।उनका कहना था कि यदि हमें माननीय कलेक्टर साहब हमे खाद बीज बांटने के लिए ओर किसानों की समस्या सुनने के लिए हमे कोई खाली भवन उपलब्ध करवा दे तो हम ये जमीन राबा उच्च. मा.विद्यालय बालेटा के भवन एवम खेल मैदान के लिए देने हेतु तैयार है।






