आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)
भरतपुर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण के दौरान चेहरे के सत्यापन की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस नई प्रक्रिया के कारण लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंजू डागुर ने बताया कि बाल विकास विभाग के आदेशानुसार लाभार्थियों को राशन देने से पहले उनका चेहरे का प्रमाणीकरण करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, यह प्रक्रिया कई चुनौतियों के साथ जुड़ी हुई है, जैसे कि अधिकतर लाभार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं होते या उनके फोन बंद रहते हैं, जिसके कारण ओटीपी प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया में पूरा दिन लगाना पड़ता है, फिर भी काम समय पर पूरा नहीं हो पाता। विभाग का कहना है कि यह नई व्यवस्था बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नाम पर किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लागू की गई है। पोषण ट्रैकर एप पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नाम दर्ज होंगे, और राशन वितरण भी इसी आधार पर होगा। इसके बावजूद, कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह प्रक्रिया अधिक जटिल और समय लेने वाली है, जो लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने में कठिनाई पैदा कर रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, ताकि लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो।






