नवरात्रि 30 मार्च से, 6 अप्रैल रामनवमी पर होगी होगी समाप्ति

लक्ष्मणगढ़ (अलवर ) कमलेश जैन
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च शाम 4 बजकर 27 मिनट से शुरू हो रहा है, जो 30 मार्च दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में चैत्र नवरात्रि का आरंभ 30 मार्च से हो रहा है, जो 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी के साथ समाप्त होगी। इसके साथ ही 7 अप्रैल को नवरात्रि का पारण किया जाएगा।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिंदू नववर्ष का भी आरंभ हो जाता है। इस साल की चैत्र नवरात्रि काफी शुभ मानी जा रही है। ग्रहों की स्थिति के साथ-साथ कई राजयोगों का भी निर्माण हो रहा है। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार साल में कुल चार बार नवरात्रि होती है जिसमें दो गुप्त नवरात्रि होती है, जिसे तंत्र साधना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। वहीं अन्य दो नवरात्रि को चैत्र और शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। ऐसे ही चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। नौ दिनों तक पड़ने वाली इस नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। इसके साथ ही कलश स्थापना करने के साथ व्रत रखने का विधान है। इस साल चैत्र नवरात्रि 9 नहीं बल्कि केवल 8 दिन की पड़ रही है जिसकी शुरुआत 30 मार्च से हो रही है।






