लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में रामगढ़ में पटरी पर लोग रोकी रेल, यात्री हुए परेशान

केंद्रीय मेंत्री अजय मिश्रा को पद से हटाने की मांग,

लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में रामगढ़ में पटरी पर लोग रोकी रेल, यात्री हुए परेशान
लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में रामगढ़ में पटरी पर लोग रोकी रेल, यात्री हुए परेशान

रामगढ़ (अलवर, राजस्थान/ अमित भारद्वाज) संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से लखीमपुर में किसानों को गाडी से कुचलने से हुई मौतों के विराध में और केन्द्रिय गृह राज्यमंत्री की बरखास्तगी की मांग को लेकर रामगढ में रेल रोको आंदोलन के अंतर्गत रेलवे फाटक पर एकत्र किसान केन्द्र सरकार द्वारा बनाए कानून के विरोध में रेल रोक कर बैठे किसान कर रहे हैं नारेबाजी।
केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों  को किसान विरोधी बता बनाए कानूनों को निरस्त कराने की मांग को लेकरयूपी के लखीमपुर में बैठे किसानों पर केन्द्रिय गृह राज्य मंत्री के बेटे द्वारा गाडी से किसानों को कुचल दिए जाने के विरोध में आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर  देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के अंतर्गत रामगढ़ में रेलवे फाटक के पास रेल पटरियों पर बैठकर किसानों ने रेल रोकने का प्रयास किया और काले झंडों के साथ केन्द्र सरकार की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार विरोधी जमकर नारे लगाए और केन्द्रिय गृह राज्य मंत्री के स्तिफे की मांग को लेकर आज देश व्यापी आंदोलन के कारण किसानों द्वारा मथुरा से अलवर आने वाली रेल को करीब 40 मिनट तक रोके रखा गया।जिससे रेल यात्रियों के साथ साथ रेलवे फाटक बंद होने के चलते अलवर दिल्ली मार्ग का यातायात भी प्रभावित हुआ।रेल रोको आंदोलन को देखते हुए रेलवे विभाग द्वारा रेलवे पुलिस फोर्स के अलावा स्थानिय पुलिसबल भी मौके पर बुलवा लिया गया।जिसमें डिएसपी विनोदकुमार और रामगढ थाना अधिकारी रायनिवास मीणा सहित पुलिस बल मौजूद रहा। रामगढ स्टेशन मास्टर राधेश्याम मीणा ने बताया कि हमें किसान आंदोलन के बारे में किसानों ने कोई अग्रिम सूचना नहीं दी थी।आज इनके द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया गया जिसमें मथुरा से अलवर आने वाली ट्रेन को चालिस मिनट तक रोके रखे गया।फिर इन्हें समझाने पर इन लोगों ने रेल को जाने दिया।
मीडिया द्वारा पूछा गया कि किसान आंदोलन के कारण रेलवे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है और यातायात बाधित हुआ है तो इस पर कोई एफ आई आर दर्ज होगी या नहीं इसके जवाब में स्टेशन मास्टर ने बताया कि बिल्कुल ट्रैक पर बैठे किसानों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी और अगर यह लोग कोई नुकसान करते हैं तो उसमें गिरफ्तारी भी हो सकती है अभी तक इन लोगों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है और किसानों ने बताया है कि सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक का पूरे देश में आंदोलन है।