आईस्टार्ट प्रोग्राम से भरतपुर संभाग के स्टार्टअप को मिल रही राह

भरतपुर (कौशलेंद्र दत्तात्रेय)
भरतपुर, 10 जुलाई। राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप को आगे बढ़ाने और उनके मार्गदर्शन के लिए आईस्टार्ट प्रोग्राम के तहत युवाओं को उद्योग लगाने व रोजगार के साधन मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भरतपुर संभाग में स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने के लिए राजकीय अभियात्रिकी महाविद्यालय परिसर में इनक्यूबेटर सेंटर स्थापित किया गया है। इनक्यूबेटर सेंटर स्टार्टअप को कार्यालय स्थान उपलब्ध करवाने से लेकर उनको तकनीकी रूप से कुशल बनाने एवं व्यवसाय को पूर्ण रूप से स्थापित एवं विकसित करने के लिए आवश्यक सहायता मुहैया करवा रहे हैं। वर्तमान में इनक्यूबेटर सेंटर में 60 से अधिक स्टार्टअप जुड़े हुए हैं। ये स्टार्टअप शिक्षा, कृषि, आई.टी., पर्यटन, फैशन, एनीमेशन, रिन्यूएबल एनर्जी आदि विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार करके अपने आइडिया कियान्वित कर रहे हैं। साथ ही रोजगार सृजन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेटर सेंटर में मॅटरिंग सुविधा भी दी जाती है।
मेंटर दीपेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि यहाँ पर स्टार्टअप को बिजनेस बढ़ाने, आइडिया डेवलप करने में मदद करते हैं। सेंटर पर मॅटरिंग के जरिए स्टार्टअप की काफी समस्याओं का समाधान हो रहा है। साथ ही तकनीकी संस्थानों के छात्रों एवं युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने व आईस्टार्ट योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर वर्कशॉप का आयोजन भी किया जाता है।
टिंकरिंग लैब से बच्चों को तकनीकी जगत में ले जाने का प्रयास
टिंकरिंग लैब इनक्यूबेटर सेंटर में स्थित टिंकरिंग लैब में बच्चों और विद्यार्थियों को नवीन तकनीक से जुड़ने का मौका मिल रहा है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त टिंकरिंग लैब में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी रोबोटिक्स, ड्रोन, ह्यूमनॉइड सिस्टम, उडी प्रिंटर, ए.आई और आई.ओ.टी में पारंगत हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में, स्कूली बच्चे सक्रिय रूप से नवाचार को अपना रहे हैं और स्टार्टअप संस्कृति से जुड़ रहे हैं। बच्चों को रोबोटिक्स, ड्रोन, एआई और आईओटी आदि में रूचि बढ़ाने, ट्रेनिंग देने और स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने के लिए टिंकरिंग लैब में अत्याधुनिक उपकरण और किट्स उपलब्ध हैं।
स्टेम ट्रेनर अजय यादव ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत, बच्चों को टिंकरिंग लैब में स्पेस और उपकरण मिलते हैं। इसमें विद्यार्थियों को डु इट योरसेल्फ किट के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। क्प्ल् किट का उपयोग करके बच्चे खुद वर्किंग मॉडल बनाना सीखते हैं। इससे बच्चों को बेसिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेंसर, आईओटी डिवाइस, आर्डिनो, उनो और अन्य मैकेनिकल टूल्सेट की जानकारी होती है। नियमित तौर पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों को वर्कशॉप के माध्यम से टिंकरिंग लैब की ट्रेनिंग दी जाती है। 10 वर्ष के विद्यार्थी भी खुद के हाथों से रोबोट के वर्किंग मॉडल बना रहे हैं।
एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर (उप निदेशक) इनक्यूबेटर सेंटर, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, भरतपुर हरि मोहन शर्मा ने बताया कि आईस्टार्ट राजस्थान, राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग का प्रमुख कार्यक्रम है। यह एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है जो स्टार्टअप, छात्रों, उद्यमियों, नवाचारी, इनक्यूबेटर्स, एक्सेलरेटर्स और मेंटर्स के लिए एकल खिड़की संसाधन के रूप में कार्य करता है। इसका उद्देश्य राज्य में नवाचार को पोषण देना, उद्यमिता को बढ़ावा देना, सम्पदा उत्पन्न करना और राज्य में नौकरियों को बनाना है।






