वन्य जीवों के बिना जीवन अधूरा - मीणा

थानागाजी (रामभरोस मीणा) वन वन्यजीव वनस्पति एवं अभयारण्यो को लेकर कार्य कर रहे एलपीएस विकास संस्थान के प्रकृति प्रेमी राम भरोस मीणा ने बताया कि बिगड़ते पर्यावरणीय हालातों रसायनों के उपयोग व उजड़ते परम्परागत ग्रामीण परिवेश से आज पक्षियों के अपने आवास उजड़ने के साथ उन्हें प्राकृतिक स्थल जों आवासों के योग्य अण्डे से चूजे तैयार करने में मददगार होतें वो नष्ट होने से इनके प्रजनन के साथ विकास पर दुष्प्रभाव पड़ने से दिनों दिन संख्या कम होतें जा रही है जिससे पारिस्थितिकी सिस्टम पर भी प्रभाव पड़ रहा है, उन्होंने बताया कि हम एक दूसरे के पूरक हैं जब जब किस जीव का हास होता है या एक प्रजाति विशेष विलुप्त होती है तब दुसरे जीवों पर प्रभाव पड़ने के साथ ही पुरा इकोलॉजिकल सिस्टम डगमगाने लगता है हमें इन की सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। मानव सभी में श्रेष्ठ है इसलिए अपने विकास के साथ सुक्ष्म से सुक्ष्म जीव का ख्याल रखते विकास कों गति दी जानी चाहिए अन्यथा विनाश में देरी नहीं होगा यह बात उन्होंने चिड़ियाओं के लिए घोंसले लगातें समय आम जन से एक अपील करते हुए कहीं। आज उन्होंने संस्थान प्रांगण में 21 घोंसले लगाए हैं।






