समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने पर किसानों ने किया प्रदर्शन, मंडी गेट पर जड़ा ताला

लालसोट (दौसा, राजस्थान) कृषि उपज मंडी समिति में समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने से आक्रोशित किसानों ने गुरुवार को सुबह कृषि मंडी के गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं किसानों के द्वारा कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए लाए अपनी फसल से भरे वाहन सड़क पर ही खड़े कर दिए। जिसके चलते लालसोट सवाई माधोपुर सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से जाम के ह्यलात बन गए। सूचना मिलने पर लालसोट पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे एवं किसानों को समझाईश के प्रयास किए। किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की बात कहकर हमसे माल मंगवा लिया गया। अब हम अपनी - फसल को वाहनों में लेकर आ गए लेकिन यहाँ तुला नहीं होने की वजह से हमें खड़ा रहना पड़ रहा है। वही इस समय मौसम भी खराब होने की वजह से अगर बारिश आती है तो हमारी फसल खराब होने की संभावना रहती है। ऐसे में कृषि मंडी यार्ड में बने डॉम में आढ़तियों ने अपने माल को रखा हुआ हैं। किसानों की जींस रखने के लिए डॉम बने हुए हैं ऐसे में जब तक इन डॉम से व्यापारियों के माल को खाली नहीं करवाएंगे तब तक इस कृषि उपज मंडी के गेट पर ताला नहीं खोलेंगे। वहीं पुलिस प्रशासन के द्वारा काफी समझाइश करने पर किसानों ने करीब दो घंटे बाद कृषि मंडी गेट का ताला खोला। कृषि उपज मंडी के सचिव ने बताया कि किसानों की जो मांगे थी वह जायज थी। उन्होंने कहा कि यहां डॉम में व्यापारियों की जींस रखी हुई है। ऐसे में डॉम किसानों की फसल रखने के लिए बने हुए हैं। अगर व्यापारियों का माल रखा हुआ है उसे यहाँ से खाली करवा दिया जाएगा। वहीं किसानों की जींस रखने के लिए डोम खाली रहेंगे। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर क्रय विक्रय के द्वारा खरीदी जा रही किसानों की फसल के लिए अतिरिक्त तुलाई के कटि लगवा कर किसानों की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने का काम किया जाएगा। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष ख्यालीराम मीणा एवं कार्यकारिणी सदस्य प्रहलाद स्वामी ने बताया कि लालसोट कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने अपनी मनमानी चला रखी है। पिछले रबी के सीजन में भी व्यापारियों ने परिसर में बने डॉम व चबूतरे के ऊपर अपने ही खरीदे हुए माल को रखा हुआ था। ऐसे में किसान जब अपनी फसल मंडी में लेकर आए तो बारिश की वजह से उनकी फसलें मंडी के अंदर भी खराब हो गई थी और कई किसानों की फसल तो बारिश में भीग कर अंकुरित भी हो गई थी। उन्होंने बताया कि जब कृषि मंडी में बने चबूतरे व डॉम किसानों की फसल सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं तो इसमें व्यापारी अपनी मनमानी से उनकी फसल को क्यों रखते हैं। व्यापारियों के द्वारा किसानों के खरीदे हुए माल को तुरंत प्रभाव से कृषि मंडी से बाहर निकालना चाहिए। इस दौरान काफी संख्या में किसानों की मौजूदगी बनी रही। आखिरकार तहसीलदार मदनलाल मीना, पुलिस उपाधीक्षक अरावंद गोयल, थाना प्रभारी नाथू लाल मीना, कृषि उपज मंडी समिति सचिव बलवीर सिंह मीना की समझाईश एवं मांगों के निस्तारण के आश्वासन के बाद आखिर किसानों ने 2 घंटे बाद सह्मति जताते हुए मंडी गेट का ताला खोला। मंडी सचिव बलवीर सिंह मीना ने बताया कि डोम में रखे माल को खाली करने को लेकर व्यापारियों को तीन दिवस का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही क्रय विक्रय समि को भी किसानों की फसल खरीदने के लिए अतिरिक्त कटि लगाए जाने की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।






