हद है उस बालिका के दरिंदगी से आंसू टपकते रहे और राहगीर, बनाते रहे वीडियो

सूट-बूट में इंटरनेट की दुनिया में रहने वालों की यही है असीलियत, शहरवासियों ने बेटी के जल्द स्वस्थ्य लाभ और दरिंदों की गिरफ्तारी के लिए दुआ की

हद है उस बालिका के दरिंदगी से आंसू टपकते रहे और राहगीर, बनाते रहे वीडियो

अलवर (राजस्थान/ ज़ी एक्सप्रेस न्यूज) 

कमबख्त शहर की तिजारा पुलिया पर रात्रि करीब आठ बजे बदहवास अवस्था में मिली दुष्कर्म की शिकार बेटी को विधाता ने बोलने और सुनने की क्षमता छीन कर इस फरेबी और बनावटी दुनिया में भेजा। वह किसी तरह चुनोतियों से मुकाबला कर पन्द्रह वर्ष की हुई लेकिन उसे यह कतई अहसास नहीं था कि उसकी नहीं बोलने और सुनने की क्षमता का दरिंदे फायदा उठाकर उसके साथ हैवानियत करेंगे।दरिंदे शाम चार बजे घर से गायब हुई बालिका को रात आठ बजे तिजारा पुलिया पर पटक गए।पुलिस को सूचना मिलने पर एसपी अलवर तेजस्वनी गौतम सहित पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शी नरुका के अनुसार वे तिजारा पुलिया से गुजर रहे थे भीड़ देखकर वे भी रुक गए।तमाशबीन उस बेटी के दर्द का अहसास कर उसे हॉस्पिटल भेजने का उपाय करने की बजाए वीडियो बना रहे थे।चूंकि वह बोल और सुन नहीं पा रही थी,साथ ही दहशत में होने के कारण डरी सहमी थी लेकिन उसके शरीर से बह रहे ब्लेड से पुलिया से  गुजर रहे हर इंसान को यह आभास हो गया था कि अलवर की बेटी के साथ जघन्य क्रूरता हुई है लेकिन इंटरनेट की दुनिया में रहने वाले आधुनिक राहगीर उसकी पीड़ा की अनदेखी   कर बेटी की पीड़ा का वीडियो बना रहे थे।ख़ौफ़नाक मंजर से गुजरी वह बालिका कैसे राहगीरों को बता पाती की उसको डॉक्टरों की सख्त आवश्यकता है,लेकिन.....।
शायद पुलिस को तुरंत सूचना मिलने और बालिका को तुरंत अस्पताल पहुंचाने से जहा आरोपियों को डिटेन करने में पुलिस को  जल्द सफलता मिलती वही बालिका को तुरंत उपचार मिल सकता था।
बहरहाल बेटी को उसकी हालत नाजुक होने के कारण जयपुर रैफर कर दिया है और पुलिस वो तमाम कार्य कर रही है जिससे दरिंदे जल्द गिरफ्तार हो सकें।अलवर शहर की जनता  को सोशल मीडिया के माध्यम से यह अति दुःखद,दिल दिमाग को झकझोर देने वाली जानकारी मिलने पर सभी की जुबान से सिर्फ और सिर्फ यही निकल रहा है  कि दुःखद...... अति दुःखद, बेटी को विधाता जल्द स्वस्थ्य करें और आरोपी जल्द पुलिस की गिरफ्त में हो।

  • रिपोर्ट:- राजीव श्रीवास्तव