रेत के खेल में सब भागीदार: राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासन अवैध खनन माफियाओं पर आज तक नहीं कर पाया कार्यवाही

प्रशासन और नेता खा रहे मलाई: ग्राम पाटौंदा में ट्रैक्टर से टकराने पर तीन युवक हुए घायल अवैध बजरी पर नहीं होती कोई कार्यवाही

May 11, 2023 - 19:32
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रेत के खेल में सब भागीदार: राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासन अवैध खनन माफियाओं पर आज तक नहीं कर पाया कार्यवाही

खनिज संपदा लूटने में जुटे जिम्मेदार, हिफाजत के नाम पर रच रहे है ढोंग

  अंता (बारां/ राजस्थान/ शफीक मंसूरी) ग्राम पाटौंदा में अवैध बजरी खनन जोरों पर दर्जनों ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं ट्रैक्टर की टक्कर से 3 युवक हुए घायल 2 का उपचार अंता चिकित्सालय में जारी एक को कोटा रैफर किया मंगलवार को ग्राम पाटौंदा के तीन युवक आकाश केवट लवकुश केवट दिलराज केवट पाटोदा निवासी मोटर साइकिल में पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर घर जा रहे थे गांव के नजदीक ट्रैक्टर से टकराने के कारण तीनों युवक हुए घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती कराया गया देवराज केवट को कोटा किया रेफर प्रदेश की सरकार बदले साढ़े 4 साल से अधिक हो गये है। मगर अंता सीसवाली कस्बे की खाड़ी नदी वही चारागाह भूमि की हालात नहीं बदले। खनन माफियाओ की शक्ल बदल गई। लेकिन रेत का उत्खनन अनवरत जारी है। रेत उत्खनन करने में सफेदपोश पहने भी लगे हुए थे, और आज भी लगे हुए हैं। वक्त बदला है ओर कुछ नही खनन माफियाओ की  शक्ल बदली है और उत्खनन करने का तरीका बदला है।  अब तो मीडिया के लोग भी अवैध खनन की  खबर जान जोखिम में डालने जैसा साबित हो रहा है वही खबरे लगाने मे कतराने लग गये है। 

जिले मे आए दिन खनन हादसों में बेकसूर जान गवा रहे है। जिससे सैकडों बच्चे यतीम हो गए, कई परिवार उजड़ गए। साथ ही कई माताओ की गोद सूनी हो गई है। इसके साथ-साथ सैकड़ों महिलाओं की मांगों का सिंदूर समय से पहले पुछ गया है। लेकिन इस सब से खनन माफियाओ  के कारोबारियों पर कोई फर्क नही पड़ रहा है। उन्हें तो रेत बैच कर अपनी हवेली और बड़ी करनी है। तिजोरियां ओर बड़ी करने की होड़ मची है। इस होड़ में निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक सब लगे हुए है। इस रेत के खेल में सब का हिस्सा जो है, सब मिल जुलकर  खाड़ी नदी  को लूटने में लगे है। इसमें सबकी जिम्मेदारी भी तय है। जिसका जितना हिस्सा है उसकी उतनी जिम्मेदारी भी है। इसी लिए आदेशों के जारी होने से लेकर कारवाही का ढोंग किया जा रहा है। अब जनता मरती है तो मरे खनिज संपदा लुटती है तो लुटे।अंता सीसवाली स्थानिय प्रसासन की राजनीतिक मजबूरियों के कारण अवैध खनन जोरो पर अवैध खनन माफियाओं पर राजनीतिक मजबूरियोंं के कारण प्रशासन अंता विधनसभा क्षैत्र मे फलफूल रहे है अवैध खननकर्ता, वही  कांग्रेस के कुछ नेता भी सफेदपोश मे अवैध खनन करने मे लगे हुये है ।वही बजरी के साथ साथ अवैध ईट भट्टा मालिकों द्वारा सरकारी भूमि पर जेसीबी मशीनो द्बारा दो दर्जन से अधिर टेक्ट्रर ट्रालीयो से मिट्टी का खनन कर ईट भट्टो पर डाला जा रहा है।

अन्ता रोड बमोरी खाड़ी के ऊपर दर्जनों ईंट भट्टो मिट्टी के बडे बड़े ढेर लगा रखे हैं।  लेकिन यहॉ अधिकारीयो सहीत प्रशासन का कोई ध्यान नही है।सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन पर रोक लगाने के बावजूद भी सीसवाली खाडी नदी की तलहटी से  अवैध बजरी खनन करते है। स्थानिय प्रशासन की मिलीभगत  होने के कारण अवैध खनन नही रुक रहा है।  खनन माफियायो ने अलग अलग क्षैत्र बाट रखे है ।पलायथा, नागदा, रायपुरिया भोज्याखेड़ी बालदड़ा सीसवाली, भैरुपुरा, छत्रपुरा, पापडली  से खाडी नदी की तलहट से जेसीबी मशीनों व दो दर्जन से अधिक टेक्ट्रर ट्रालीयो द्वारा अवैध खनन करते है। खाडी नदी के तलहट से  खनन माफियो द्वारा अवैध बजरी का खनन बेखोप होकर खनन  माफिया अवैध खनन कर रहे है । अवैध बजरी खनन का कार्य जोरो से चल रहा हे ।खनन माफिया जहॉ बैखोफ होकर अवैध खनन कर रहे है। खनन मफिया द्बार ग्राहको से मन मर्जी से  रुपये तक वसूल करते है जबकी बजरी मे ना कोई रोयल्टी लग रही है ना रवन्ना फिर भी ग्राहक मुह मॉगी किमत वसूल रहे है। धड़ल्ले से सीसवाली में अवैध खनन होने के बावजूद भी  अधिकारीयो को नजर नही आते है ।वही जिम्मेदर अधिकारी राजनीतिक दबाव केेे कारण  मूक दर्शक बने हुये है।प्रसासन व उच्च अधिकारीयो की नाक के निचे सब होने के बावजूद भी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नही कर रहे है। आखिर क्षैत्र में हो रहे अवैध बजरी व मिट्टी खनन की स्थानिय प्रसासन को जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन सहित संबंधित विभाग अवैध खननकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।इससे यह जाहिर होता है कि यातो प्रशासन की मिली-जुली भगत से या  क्षैत्रीय खनन मंत्री होने पर  राजनेताओं का प्रशासन पर दबाव बना रखा है।

खनन माफियो के बजरी से भरे हुये टेक्ट्रर ट्राली फर्राटे बरते स्पिड से रोड पे चलते है जिससे पहले भी कई बार दुर्घटना हो चुकी है फिर भी प्रसासन नही चेता।प्रशासन को अवैध खनन की सब मालूम होने के बावजूद भी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नही करते है अवैध खनन का कार्य रोजमर्रा का काम है।

अंता के इतिहास के पन्नों में पहली बार देखा गया इतना जबरदस्त अवैध खनन कारोबारियों के संसाधन

राज्य सरकार एक तरफ मिट्टी बजरी खनन पर अंकुश लगाने के लिए हर दिन नये-नये कानून बनाकर खनन रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन  सरकार कितने भी नियम कानून क्यों न बना ले, इस तरह के कानून माफियाओं के लिए कोई मायने नही रखते हैं अंता पंचायत समिति के ग्राम पंचायत पटोंदा में बजरी एवं मिट्टी खनन का ऐतिहासिक अवैध खनन पहली बार देखने को मिला जितने संसाधन अवैध खनन पर लगे हुए थे इतने संसाधन तो नियम अनुसार खनन लीज पर भी नहीं देखे जा सकते खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। खनन माफिया नियम कानून को ताक पर रख कर मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं थाना मूकदर्शक बनकर देख रहा है मिट्टी बजरी की खुदाई करीब 8 से 10 फीट की गहराई कर जमीन का सीना चीर निकाल रहे अवैध बजरी मिट्टी लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से शासन के नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बानगी के तौर पर ग्राम पाटौंदा में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ मट्टी बजरी का अवैध खनन कार्य अनवरत जारी है।

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