अचानक बढ़ाई बाबा हरिबोल की निगरानी: फूट डालने की मंशा छोड़ वादा पूरा करे सरकार, बिन मांगे क्यों दी जा रही सुरक्षा- हरिबोल दास

अचानक बढ़ाई बाबा हरिबोल की निगरानी: फूट डालने की मंशा छोड़ वादा पूरा करे सरकार, बिन मांगे क्यों दी जा रही सुरक्षा-  हरिबोल दास

पहाड़ी (भरतपुर, राजस्थान/ भगवानदास) भैसेडा के लधु गिर्राज पर्वत पर स्थित आश्रम पर बिन मागे अचानक बाबा हरिबोली की सुरक्षा  बढा दी गई है।जिसको लेकर बाबा ने प्रशासन पर संतो मे फूट डालने व सरकार पर वादा पूरा करने मे देरी का आरोप लगाया है। आदिबद्री आन्दोलन के अग्रिणी संत बाबा हरिबोलदास की भेसेडा आश्रम पर बाबा की निगरानी मे दो एएसआई दो कस्टेबल की तैनाती कर दी गई है
।जिसको लेकर बाबा ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहॉ की बिन मांगे  प्रसाशन ने गार्ड तैनात कर दिऐ हेै। उनका कहना था मेरी सुरक्षा मे एक गार्ड पूर्व से तैनात है। अधिक की आवश्यकता नही है। अचानक यह सब सरकार  व उच्चाधिकारीयो की मंशा पर संवाल खडे करते है।सरकार व प्रशासन साधु संतो एंव ग्रामीणो मे फूट डालने, वादा पूरा करने बजाय गुमराह करने  का अरोप लगाया है।सी.एम से मुलाकात के लिए हमे सूचित नही किया गया।
अधिकारी मीठी गोली देेने मे लगे है। खनन से जुडे अन्य मामलो में आज तक कार्यवाही नही हो सकी है।रात्रि को गार्ड के अलावा तीन पुलिस के जवान भेसेडा आश्रम पर ही विश्राम किया है। बाबा हरिबोल ने बताया हेै सोमवार को सुबह जहॉ कही हम जा रहे हमारे साथ तैनात गार्ड के अलावा अन्य पुलिस कर्मी सिविल में जा रहे है। यह सब हमारीसमक्ष से परे है। रहा आन्न्दोलन  प्रश्र वह अभी भी जारी है।
सरकार ने बादे के अनुसरअभी तक गजट नोटिफिकेशन जारी नही किया है ना ही क्रशरो को हटाना शुरू किया है। इसलिए अभी अन्दोलन का धरना समाप्त किया गया है लेकिन आमजन में हमारा जनजागरण के माध्यम से आन्दोलन जारी रखे हुए है। जानकारी के अनुसार डीग के अतिरिक्त जिला पुलिस अधिक्षक के निर्देशन से एक कास्टेबल को लगाया गया है। जबकि पहाडी के दो एएसआई एक कास्टेबल को हरिबोल दास की निगरानी के लिए तैनात किया गया। हालाकि इस मामले में स्थानिय पुलिस के अधिकारीओ ने अधिकारिक रूप से पुष्टि नही की है।

यह सवाल लगातार मांगते है जवाब-

1- वर्तमान व पूर्व सरकारो ने समय रहते इस आन्दोलन को गम्भीरता से क्यो नही लिया?
2-आन्दोलन के समय बिजय बाबा के करो या मरो  की बात को अनदेखी का जिम्मेदार कौन?
3- सी.बी.आई जॉच से गुरेज क्यो?
4-आन्दोलन से जुडे साधु संतो व प्रमुख लोगो से वार्ता में दूरी क्यो?
5- खनन माफियाओ के साथ गठजोड में शामिल लोगो की जॉच क्यो नही?
6-अचानक बाबा हरिबोल दास की सुरक्षा क्यों बढाई है्?
7- क्या बाबा हरिबोल को खनन माफियाओ से खतरा है या  प्रशासन को अनहोनी का डर सता रहा है

प्रदीप कुमार यादव (सीओं कामां सर्किल) का कहना है कि-हरिबोल के पास पूर्व से सुरक्षा गार्ड लगा रखे हेै अब मुझे अन्य की  जानकारी नही है। 

गोपेश बाबा मलूक पीठ का कहना है कि:- सरकार के अधिकारियो ने हमारे सीधे साधे साधु संतो,कुछ ग्रमाीणो को गुमराह कर खनन माफियों के चहेतो के साथ उन्हे बुलाकर सीएम से मुलाकात कराके गुमराह किया जा  रहा है। अधिकारियो ने योजनाबंद्व तरीके से पुलिस में तैनात एक जाति विशेष के कर्मीयो के माध्यम से साधु व ग्रामीणो को बहकाने व उन्हे गुमराह करने का कुचक्र जारी है। जबकि हमारा आन्दोलन हमारा जारी है। 

राधा कांत शास्त्री (मानमन्दिर बरसाना के कार्यकारी अध्यक्ष) का कहना है कि:-  प्रशासन व सरकार की ओर से अभी तक घोषणा के बाद गजट नोटिफिकेशन जारीन ही किया गया है ना ही क्रशरो को हटाना शुरू किया है। बाबा हरिबोल की निगरानी में पुलिस कर्मी लगाने के पीछे शायद प्रशासन को अनहोनी का डर सता रहा होगा।

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