बदहाल है राज्य भर के राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, राज्य की 66 (डाइटो) में 60 से 80 प्रतिशत पद रिक्त

Mar 31, 2024 - 15:58
 0
बदहाल है राज्य भर के राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, राज्य की 66 (डाइटो) में 60 से 80 प्रतिशत पद रिक्त

सिरोही (रमेश सुथार)

 - राजस्थान में सरकारी विद्यालयों की स्थिति रिक्त पदों के कारण अत्यधिक दयनीय है। ग्रामीण विद्यालयों में 30 से 70 पद तो शहरी क्षेत्रों में 10 से 20 प्रतिशत पद रिक्त है। विषयाध्यापकों के अभाव में विद्यार्थी कक्षा पास कर रहे है। जिससे 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को उनके कक्षा स्तर का 25 भी ज्ञान नहीं है। भारत चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री गोपाल सिंह राव ने बताया कि विद्यालयों से भी बदहाल स्थिति राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालयों डाइटो की है। सिरोही के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट आबू पर्वत पर कुल 40 पद स्वीकृत है । प्राचार्य एक, 5 वरिष्ठ व्याख्याता,18 व्याख्याता,13 मंत्रालयिक कर्मचारी,3 सहायक कर्मचारियों सहित 40 पद स्वीकृत है। प्राचार्य का पद समकक्ष जिला शिक्षा अधिकारी गत 3 वर्षों से रिक्त है।जिसमें से केवल 5 पद भरे हुए है। प्रशासनिक, शैक्षणिक में केवल 2 पद भरे हुए हैं। मंत्रालय कर्मचारियों में एक प्रशासनिक अधिकारी,एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी,एक वरिष्ठ सहायक नियुक्त हैं। प्राचार्य का चार्ज जिला शिक्षा अधिकारी के पास है।गत 15 वर्षों से स्टाफ इकाई के अंक में है ।सिरोही जिले में सीडीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, प्रारम्भिक, डाइट प्राचार्य, साक्षरता अधिकारी सहित आधा दर्जन के लगभग चार्ज सिरोही सीबीईओ के पास है। डाइट आबू पर्वत के कुल स्वीकृत 40 पदों में से 35 पद रिक्त है।जालोर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट में प्रशासनिक व शैक्षणिक स्टाफ के 24 पद स्वीकृत है। जिसमें से केवल 6 पद भरे हुए हैं। प्राचार्य,2 वरिष्ठ व्याख्याता,3 व्याख्याता शेष 18 पद रिक्त है। जालोर डाइट प्राचार्य के पास जिला शिक्षा अधिकारी का भी अतिरिक्त चार्ज है ।राजस्थान की सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के  लगभग यही हाल है।जिस राज्य में राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थिति इतनी बुरी है। वहां अच्छे गुरूजी तैयार कैसे होंगे ?जिस राज्य में कुशल गुरु तैयार नहीं हो रहे वहां की शैक्षिक स्थिति बेहतर कैसे हो सकेंगी।राजस्थान की 33 डाइटों सहित सभी राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण 66 संस्थानों के लगभग ऐसे ही हाल बेहाल है।

राज्य में 23 प्राथमिक शिक्षा महाविद्यालय,4 प्रखंड शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, 6 अध्यापक शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान ,33 डाइट जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशासनिक,शैक्षिक व कार्यालय कार्य के 65 से 75 प्रतिशत से भी ज्यादा पद खाली है। वरिष्ठ शिक्षक व कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत राज्यों में डाइट अस्तित्व में आए थे । डाइट को अनेकानेक महती कार्य करने व करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। डाइट को शिक्षक प्रशिक्षक, शैक्षिक नवाचार को बढ़ावा देना, प्रौढ़ शिक्षा, अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित करना, नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना, प्राथमिक शिक्षा को मजबूती प्रदान करना, सार्वभौमिकरण, राष्ट्रीय साक्षरता, प्राथमिक और व्यस्क शिक्षा , सहायक सामग्री निर्माण,बहूकक्षा शिक्षण , मनोवैज्ञानिक परामर्श, क्रियात्मक अनुसंधान सहित महत्वपूर्ण कार्यों की जवाबदारी निभाने का भार सौंपा गया। डाइट के पास सात विभागों की बहुत ही शिक्षा उपयोगी जिम्मेदारी है।(1)पीएसटीई प्री सर्विस टीचर्स एजुकेशन- सेवा पूर्व शिक्षक शिक्षा विभाग,(2) डीआरयु जिला रिसोर्स यूनिट- जिला संसाधन इकाई प्रभाग,(3) सीएमडीई  करिकुलम मटेरियल डेवलपमेंट एंड इवेलुएशन-पाठ्यक्रम अधिगम सामग्री विकास और मूल्यांकन विभाग,(4) आईएफसीआई इन सर्विस प्रोग्राम्स फील्ड इंटरेक्शन इन्नोवेशन एंड कोऑर्डिनेशन- सेवा कालिन प्रशिक्षण, क्षेत्र अंत: क्रिया और नवाचार समन्वय प्रभाग,(5) पीएम प्लैनिंग एंड मैनेजमेंट- योजना और प्रबंधन प्रभाग,(6)ईटी एजुकेशनल टेक्नोलॉजी- शैक्षिक प्रौद्योगिकी प्रभाग,(7)डब्ल्यूई वर्क एक्सपीरियंस -कार्यानुभव प्रभाग है। डाइट को एनसीटीई से मान्यता मिली हुई है।डाइट अध्यापकों ,विद्यालयों और स्थानीय समुदाय के बीच मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वह ऐसी साझेदारियां और सहयोग बनाने के लिए कार्य करते हैं ।जो समग्र शैक्षिक वातावरण को बढ़ाते हैं और प्रभावी प्रशिक्षण और अधिगम की प्रथाओं को बढ़ावा देते हैं। लेकिन राजस्थान की सरकारों को शैक्षिक नींव की आधारशिला डाइटो की बदहाली से सरोकार नहीं है। शिक्षक व कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव ने देश के प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, नेता प्रतिपक्ष,शासन सचिव को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों की सुध लेने की गुहार की।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................