22 वर्ष पुराने प्रकरण में कोर्ट ने दिए गोविंदगढ़ में अतिक्रमण हटाने के आदेश, आमजन को मिलेगा सीधा सुगम रास्ता

गोविन्दगढ़,अलवर
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश गोपाल सैनी ने गोविंदगढ़ कस्बे में पिछले 22 वर्ष से अतिक्रमण को लेकर दर्ज मुकदमे में प्रतिवादी को स्वयं के खर्चे से अतिक्रमण हटाने के लिए स्थाई निषेधाज्ञा से पाबंद किया। न्यायाधीश गोपाल सैनी के फैसले से आमजन को बहुत बड़ी राहत मिलने के साथ सीधा एवं सुगम रास्ता मिल सकेगा ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण रामसहाय बनाम कैलाशपति में रास्ता गोविंदगढ़ स्थित आम चौक वार्ड नंबर 7 व 8 को मिलता है। जो कि गांधी पार्क के पीछे से निकलकर होते हुए वार्ड 7 से 8 की ओर जाता है जिस पर कैलाशपति ने अतिक्रमण कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया।
ग्राम पंचायत गोविंदगढ़ की कार्यवाही - ग्राम पंचायत गोविंदगढ़ ने भी 25 दिसंबर 1997 को अतिक्रमण हटाने का निर्णय दिया लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया बाद में 29 अक्टूबर 2001 को प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत गोविंदगढ़ मुख्यालय पर आयोजित शिविर में अतिक्रमण हटाने का प्रशासन द्वारा आश्वासन दिलाया गया तथा प्रशासन में स्थाई निषेधाज्ञा पेश कर अतिक्रमण हटाने के लिए पाबंद किया तथा प्रतिवादी ने गलत नक्शा प्रस्तुत कर अतिक्रमण भूमि पर मंजूरी भी प्राप्त कर ली थी प्रतिवादी कैलाशपति ने प्रकरण में यह भी बताया कि उसने यह जमीन 9 अगस्त 1982 को विजय सिंह, रतन सिंह से जरिए बयनामा खरीदी थी।
अपर जिला सेशन न्यायाधीश ने दिए आदेश - अपर जिला सेशन न्यायाधीश गोपाल सैनी ने पारित आलोच्य निर्णय एवं डिग्री को अपास्त कर प्रतिवादी को आदेश किया कि एक माह के भीतर नक्शे में वर्णित विवादित स्थल सार्वजनिक चौक व आम रास्ते की संयुक्त भूमि 27 + 13 फीट पर किए गए अवैध अतिक्रमण को अपने खर्चे से हटाए तथा वार्ड नंबर 7 व 8 तथा ग्रामीणों को आने जाने वालों के लिए रुकावट पैदा नही करेगा। साथ में इस विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार का निर्माण कर मार्ग को अवरुद्ध नहीं किया जा सकेगा कोर्ट के इस फैसले से आमजन को बहुत बड़ी राहत मिलने के साथ सीधा और सुगम रास्ता मिलेगा जोकि मुख्य बाजार को सीधा वार्ड 7 से होते हुए 8 वार्ड को जोड़ेगा।






