विश्व जल दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में जल बचाने का लिया संकल्प

उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)
शहर में घुमचक्कर के निकट प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय केंद्र पर बीके सुनीता बहन के नेतृत्व में विश्व जल दिवस पर चौथमल जांगिड़ की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एडवोकेट मोतीलाल सैनी व विशिष्ट अतिथि सुनील तंवर थे। वक्ताओं ने संगोष्ठी में वैश्विक दुनिया में गंभीर जल संकट के समाधान को लेकर विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्य वक्ता एडवोकेट मोतीलाल सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, जो कि एक बड़ी चुनौती है। जल की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए वैश्विक सहयोग से प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए हर एक व्यक्ति को जल का सरंक्षण करने का संकल्प लेना होगा। विद्युत श्रमिक संघ के वीरेंद्र कुमार सैनी ने कहा कि टिकाऊ जल प्रबंधन की व्यवस्था कायम करने के लिए व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर आमजन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। सुनील तंवर ने कहा कि देश व दुनिया को जल के संकट से बचाने के लिए जमीन व पर्यावरण का सरंक्षण करने की सख्त जरूरत है। इस वर्ष विश्व जल दिवस ग्लेशियरों का संरक्षण की थीम पर आयोजित हो रहा है। इस मौके पर जल का समुचित उपयोग करने तथा पानी की हर एक बूंद का संचयन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अध्यक्ष चौथमल जांगिड़ ने कहा कि जल है तो कल है। जल के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। कार्यक्रम की संयोजक बीके सुनीता बहन ने कहा कि जल का संरक्षण करना हम सबका दायित्व ही नहीं, बल्कि कर्त्तव्य भी है, उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्देश्य है कि भविष्य के लिए जल संसाधनों का संरक्षण कर वर्ष 2030 तक सभी के लिए शुद्ध पेयजल की पहँच सुनिश्चित करना है। इस दौरान संगोष्ठी में निर्मल जांगिड़, तोलाराम शर्मा, मोहनलाल सैनी, सोनू सैनी, आशा सैनी, तारा जांगिड़, बबीता जांगिड़, अंजना जांगिड़, नीलम शर्मा, गीता मीणा, माया शर्मा, भारती जांगिड़, अनुष्का सैनी सहित कई लोगों ने भाग लिया।






