श्मशान घाट के अभाव में 11 घंटे पड़ा रहा शव, प्रशासन की दखल के हो पाया बाद दाह संस्कार

रामगढ (अलवर, राजस्थान/ राधेश्याम गेरा) दो दिन पूर्व लालपुर गांव में श्मशान घाट के अभाव में 11 घंटे शव पड़ा रहा, अंत में प्रशासन के दखल के बाद दाह संस्कार हो पाया उसी मामले में आज दाह संस्कार वाली जगह पर अतिकर्मी पक्ष द्वारा तिया क्रिया और फूल चुनने गए तो अतिकर्मी पक्ष द्वारा अस्थियों और राख को खुर्दबुर्द करने की कोशिश की सूचना पर गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई जिसे देखते हुए ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा सूचित करने पर रामगढ़ तहसीलदार घमंडी लाल मीणा और उद्योग नगर थाना पुलिस द्वारा मौके पर पहुंच स्थिति को काबू में करते हुए दाह संस्कार वाली जगह जोकि सरकारी भूमि है जिस पर हरिजन जाति के पड़ोसी पक्ष द्वारा अतिक्रमण कर अपने खेत में मिलाई हुई थी जिसे प्रशासन ने पैमाइश करवा जेसीबी से खड़ी फसल को नष्ट कर मौके पर खड़े रहते हुए बाउंड्री करवाई।
गौरतलब है कि रामगढ़ उपखंड क्षेत्र के बंबोली कस्बे के निकट लालपुर गांव में श्मशान घाट का अभाव है और यहां ना गोचर भूमि है और ना ही सिवाय चक भूमि है। केवल 20 फुट के लगभग सरकारी भूमि है जिस पर हरिजन जाति के पड़ोसी पक्ष द्वारा अतिक्रमण किया हुआ था।
सरपंच प्रतिनिधि वीर सिंह ने बताया कि 2 दिन पहले रतिराम पुत्र नत्थन नाम जाटव की मौत हो गई थी । आज तिया करने के लिए जैसे ही श्मशान घाट गए पड़ोसी खेत की महिलाएं और पुरुष आए और उसकी चिता की राख के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की जिससे दोनों पक्षों में तनाव हो गया इसकी तुरंत ही सूचना तहसीलदार और पुलिस को दी गई मौके पर पहुंची पुलिस तहसीलदार घमंडी राम मीणा ने सीमा ज्ञान कराकर अतिक्रमण की जमीन पर बोई गई फसल को हटवाया और चारदीवारी कराई गई ।
तहसीलदार घमंडी लाल मीणा ने बताया कि सूचना के बाद मौके पर पहुंचे और वहां पर आकर दोबारा पैमाइश करा कर फसल को हटवाया गया और श्मशान घाट की चारदीवारी कराई गई।






