बाल मित्र ग्राम लोक संध्या कार्यक्रम: बच्चों के अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता अभियान

अलवर/राजगढ. - शुक्रवार राजौरगढ़ से कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन द्वारा राजस्थान के अलवर, और कोटपुतली-बहरोड़ के बाल मित्र ग्रामों में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण जैसे बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों के प्रति जागरूक करना और इन कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान, जागरूकता टीम नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बाल मित्र ग्राम बनाने के सपने के बारे में जानकारी दे रही है। इसके साथ ही, लोगों को बाल मित्र ग्राम की विचारधारा, उद्देश्य और आने वाली पीढ़ी पर इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव के सभी बच्चे स्कूल जाएं और किसी भी प्रकार के बाल शोषण से मुक्त रहें।
जागरूकता अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, भजन, छोटी जनसभाएं, पम्फलेट और पोस्टर के माध्यम से 30 गांवों के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का नारा है बदलेंगे तस्वीर हम सब मिलकर, बनाएंगे बाल मित्र ग्राम।
इस आयोजन के माध्यम से न केवल बाल शोषण के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है, बल्कि युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने, जीवन कौशल की जानकारी प्रदान करने और बाल पंचायत चुनावों के महत्व को समझाने पर भी बल दिया जा रहा है। साथ ही साथ लोगो को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तारित जानकारी दी जा रही है ताकि जरूरतमंद पात्र लोगो को लाभ प्राप्त हो सके।
- रितीक शर्मा (अलवर)






