इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी की मोहम्मद रफ़ी के 100 वें जन्म दिवस पर स्वरांजली कार्यक्रम

खैरथल (हीरालाल भूरानी ) इन्डिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी द्वारा मोहम्मद रफ़ी के 100 वें जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर 50 गायकों ने मिले सुर मेरा तुम्हारा की 66वीं कड़ी में सदाबहार गीतों से संगीतमय स्वरांजली दी ।
संस्थापक मुख्य संरक्षक डॉ लाल थदानी और संस्था महासचिव कुंज बिहारीलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि याद _ए _रफ़ी कार्यक्रम में एकल और युगल गीतों को पुराने और मंझे हुए सदस्यों के साथ नवोदित कलाकर भी हौसलों के साथ मंच पर उतरे और समां बांध दिया।
अध्यक्ष गणेश चौधरी और सांस्कृतिक सचिव रश्मि मिश्रा ने बताया कि संस्था गत 4 सालों में महान गायको के गीत संगीत के लगातार
आयोजन के अलावा समाजोपयोगी कार्यक्रम करतीं आ रहीं है । नव वर्ष 2025 के आगमन की खुशियां वृद्धाश्रम में वृद्ध जनों के साथ बांटी जाएगी ।
लता लख्यानी और अशोक दरयानी ने मंच संचालन करते हुए रफ़ी साहब की जीवनी पर भी रोचक जानकारी देकर संगीतमय कार्यक्रम को यादगार बना दिया । गीतों के दौरान तालियों की गूंज और कदमों की थाप ने सबका हौसला बनाए रखा ।
एकल गीतों में उपाध्यक्ष गोपेन्द्र पाल सिंह ने रंग और नूर की बारात किसे पेश करूं, लता लख्यानी ने तू इस तरह से मेरी जिन्दगी में शामिल है, ज्योति खोरवाल दर्द ए दिल , करुणा टंडन दीवाना हुआ बादल, अनिल जैन दिल की आवाज भी सुन, डाॅ अभिषेक माथुर ओ दुनियाॅ के रखवाले अशोक दरयानी मै जिंदगी का साथ निभाता चला गया में उम्दा प्रस्तुति दी ।
युगल गीतों में डाॅ लाल थदानी और विजय कुमार हलदानिया ने ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की और तुझको पुकारे मेरा प्यार में रफ़ी के दर्द का सुर लय ताल का बेहतरीन प्रयोग रहा । लक्ष्मण हरजानी, मीना खिलयानी ने आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे और ये पर्दा हटा दो को चुलबुले अंदाज में गाकर खूब हंसाया ।
दिव्या गोपलानी का आजाद अपूर्वा के साथ ये दिल तुम बिन और डॉ विकास सक्सेना के साथ तेरे हाथों में पहना कर चूड़ियां ने तालियां बटोरी । कुंज बिहारी लाल एंव वंदना मिश्रा इतना तो याद है मुझे की उनसे मुलाकात हुई, कमल शर्मा एंव रशिम मिश्रा छुप गये सारे नजारे , उषा मित्तल नीरज मिश्रा आजा तेरी याद आई और पत्नी वंदना मिश्रा के साथ सारे शहर में आपसा कोई नहीं, मीना कंजानी एंव दिलीप लोंगानी इशारो इशारों मे दिल देने वाले और ये पर्वतों के दायरे, सुनीता मिश्रा एंव मोहन मिश्रा ने झिलमिल सितारों का ऑगन होगा और सर पे टोपी लाल हाथ में रेशमी रुमाल ने भी युगल गायन से प्रभावित किया ।
संस्था के सदस्यों द्वारा रफ़ी के 100 वें जन्म दिन , कुंज बिहारी लाल जी के बैलून एंजियोप्लास्टी से सकुशल इलाज होने और लक्ष्मण मंजू चैनानी की 31 वें वर्षगांठ पर केक काटकर मेडले गीत प्रस्तुति और तुझे छेड़ेंगे गली के सब लड़के में समूह गान और नृत्य काबिले तारीफ रहा।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में वर्षा निहलानी पत्थर के सनम तुझे हमने, गणेश चौधरी के छू लेने दो नाजुक होंठो को, डाॅ दीपा थदानी गुलाबी ऑखे जो तेरी , कुमकुम जैन ने चौदहवीं का चांद हो ,श्याम पारीक ने कलियों ने घूंघट खोले और पत्नी अर्चना के साथ यूं ही तुम मुझसे बात करती हो, दीपक भार्गव तुम जो मिल गये हो तो ये , शिव शंकर अग्रवाल ने रूख से जरा नकाब उठाओ,
रानी चौधरी अहसान तेरा होगा मुझ पर, लोकेश त्रिपाठी फलक पे जितने सितारे है , सुषमा शर्मा तेरी आंखों के सिवा दुनिया में , आजाद अपूर्वा मेरे महबूब तुझे, कमल शर्मा मुझे इश्क है तुझी से, डॉ विकास सक्सेना आप के हसीन रुख पे ने अपनी उपस्थिति और गायकी से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम के अंत में दिनेश शर्मा के याद न जाए बीते दिनों की गीत के दौरान लोकेश त्रिपाठी जी के साले और सदस्य राजेश टेकचंदानी के 51 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन पर श्रृद्धांजली दी गई ।






