अंधत्व निवारण सप्ताह के तहत विचार गोष्ठी आयोजित

भरतपुर, 02 अप्रेल। कृषि महाविद्यालय भुसावर में अंधत्व निवारण सप्ताह के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने कहा कि दृष्टि के बिना विश्व सूना है। भारत में 10 मिलियन लोग अंधेपन से पीडित हैं तथा दुनियाभर में अंधे लोगों की संख्या 37 मिलियन है। उन्होंने बताया कि अंधेपन के मुख्य कारण ट्रेकोमा, मोतियाबिन्द, विटामिन ए की कमी, कुपोषण और दान की गयी आंखो की कमीं है। अंधता निवारण के लिए आमजन में इसके प्रति जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रूबेला और खसरा टीकाकरण के माध्यम से जन्मजात नेत्र रोगों की रोकथाम करना, जरूरतमंद व्यक्ति को प्रत्यारोपित करने के लिए नेत्र और कार्निया दान के लिए लोगों में जागरूकता, नेत्र देखभाल का ज्ञान, नेत्र संबंधी बीमारियों तथा मोतियाबिन्द का समय पर उपचार तथा दृष्टि दोषों के लिए उचित चश्मा की निशुल्क व्यवस्था होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में आँखों से जुडी समस्याएँ बढ जाती हैं, जिससे आँखों में जलन और दीर्घकालिक नुकसान का जोखिम बढ़ता है। उन्होंने नेत्रों की नियमित जाँच कराने तथा आँखों की चोटों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। ग्लूकोमा को दृष्टि का मूक चोर कहा जाता है और यह अंधेपन का कारण बन सकता है। दृष्टि ईश्वर का एक अनमोल उपहार है, इसे बचायें।
विचार गोष्ठी में डॉ. एस.एल. यादव व डॉ. बी. एल. जाखड ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर समस्त कॉलेज स्टॉफ व विद्यार्थी उपस्थित थे।
- कोशलेन्द्र दत्तात्रेय






