गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से की अपील,गर्मी से बचाव के लिए आमजन बरतें सावधानी - डॉ. गौरव कपूर

भरतपुर, 02 अप्रेल। जिले में बढ रही गर्मी के चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से विशेष एहतियात बरतने की अपील की है। इन दिनों बढ़ती गर्मी से आमजन चपेट में आ सकते है, खासकर हाई रिस्क वाले लोगो को खास ख्याल रखने की जरूरत है। वहीं गर्मी के मौसम में जिले के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रो पर विशेष सावधानी बरतने के लिए विभाग ने निर्देश दिए है।
सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर ने अधीनस्थ चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए कि राज्य व जिला स्तर से प्राप्त निर्देशों की आवश्यक रूप से पालना की जावे। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट एवं पूर्वानुमान अनुसार आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। सभी अस्पतालों में रोगियों के उपचार के साथ ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, संस्थान में रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन किट में ओआरएस, ड्रिप सेट, ब्लीचिगं पाउडर सहित अन्य आवश्यक दवाईयां रखी जावे। उन्होंने कहा कि गर्मी से होने वाली बीमारियो जैसे उल्टी, दस्त पीलिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के रोगियों की सतर्कता से निगरानी रखें एवं उपचार उपलब्ध करवाएं। विभागीय कार्मिक अपने कार्यक्षेत्र में आमजन को गर्मी से बचाव के बारे में जानकारी दें तथा कार्यक्षेत्र में रेपिड रेस्पांस टीम एवं नियंत्रण कक्ष क्रियाशील रहे।
लक्षण :-
सीएमएचओ ने बताया कि शरीर में लवण व पानी अपर्याप्त होने पर विषम गर्म वातावरण में सिर का भारीपन व अत्याधिक सिरदर्द होने लगता है। इसके अलावा अधिक प्यास लगना, शरीर में भारीपन के साथ थकावट, जी मिचलना, सिर चकराना व शरीर का तापमान बढना, पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल हो जाना, त्वचा का सूखा होना, अत्यधिक प्यास का लगना व बेहोशी जैसी स्थिति का होना आदि लक्षण आने लगते है। तो उसे तत्काल निकट की चिकित्सा संस्थान ले जाया जाए।
जरूरी है सावधानी :-
सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर ने आमजन से गर्मी के चलते एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होने कहा कि जहॉ तक सम्भव हो धूप में न निकले, धूप में शरीर पूर्ण तरह से ढका हो। आमजन जब भी बाहर निकले, छाता व पानी आदि की व्यवस्था अनुरूप घर से निकलें। धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले व सूती कपडो का उपयोग करे। बहुत अधिक भीड व गर्म घुटन भरे कमरों से बचे। बिना भोजन किए बाहर न निकले। गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को गमछे या तोलिये से ढक कर ही जरूरी होने पर बाहर निकले। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पिए एव पेय पदार्थाें जैसे नीबू पानी, नारियल पानी, जूस आदि का प्रयोग करे। लू तापघात से प्रायः हाई रिस्क श्रेणी वाले लोग जैसे कि कुपोषित बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाए व शुगर, बीपी आदि के मरीज जल्दी प्रभावित होते है। इन्हें बाहर न निकलने दे व इनका विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य संबंधी जरूरत होने पर तत्काल 108 को कॉल करें या नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर लेकर जाए। नरेगा अथवा श्रमिकों के कार्यस्थल पर छाया एवं पानी का पूर्ण प्रबन्ध रखा जावे, ताकि श्रमिक छायादार स्थानों पर विश्राम कर सकें।






