लापरवाही: बस के प्रवेश द्वार पर लटक यात्रा कर रहे यात्री, कभी भी आ सकते है हादसे की चपेट में: जिम्मेदार मौन
दौसा (रितिक शर्मा) दौसा ज़िले में बस चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसका नजारा अब आम हो गया है। बसों के अंदर जगह कम पडऩे पर छात्र व बुजुर्ग बसों के प्रवेश द्वार पर लटक अपनी जान का जोखिम में डाले यात्रा कर रहे है। दौसा से गोलाकाबास मार्ग चलने वाली बसों के नजारे आम हो गए ऐसे में हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। वैसे इस मामले में परिवहन विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन वह भी मौन साधे आखों पर काली पट्टी लगा बैठा है। जिससे बस चालक मनमर्जी से सवारियों को ढो रहे हैं। अलवर-दौसा जिले की सीमा में चलने वाली रोडवेज बसों की दुर्दशा बिगड़ी हुई है। जिसमें सवार यात्रियों को हादसे का शिकार होने का भय बना रहता है साथ ही बस के अंदर असीमित यात्रियों के चलते एक दूसरे यात्रियों को सांस लेने तक की समस्या बनी रहती है साथ ही बुजुर्ग महिला पुरुषों को दम की बीमारी उत्पन होने लगती है रोडवेज डिपो दौसा की बसों के हालात गंभीर है।
यह तस्वीर सायं 6:15 बजे दौसा से गोलाकाबास रात्रि विश्राम करती है होते हुए बस नंबर RJ 01 PA 2866 बस में यात्रियों की भीड़ भरी हुई । यात्रियों की जान को जोखिम में डालने से भी नहीं चूक रहे हैं। बस के अंदर जगह नहीं होने की स्थिति में भी यात्रियों को बस के प्रवेश द्वार पर लादा जा रहा है। यह नजारा खासकर दौसा डिपो रोडवेज बस स्टैंडों के रूटों पर अधिक देखने को मिल रहा है। ऐसे में यदि कभी कोई हादसा होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।






