सफाई कर्मियों की हड़ताल, लोग हुए परेशान
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
आए दिन हर महीने सफाई कर्मियों की हड़ताल से लोग परेशान हैं। कभी वेतन समय पर नहीं मिलता है ,तो कभी ठेकेदार द्वारा पीएफ का भुगतान नहीं होने के चलते सफाई कर्मी हड़ताल कर रहे है। नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कस्बे के इलाकों में दो दिनों से कचरा नहीं उठ रहा है। कचरे पात्र गंदगी से भरे पड़े हैं ।एवं सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। इसके चलते जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कस्बे में हर माह सफाई कर्मियों की हड़ताल से प्रमुख बाजार-मोहल्लों और चौराहों पर कचरे के ढेर लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नियमित रूप से कचरा नहीं उठने के कारण कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए है। ऐसे में कचरे के ढेरों से आती बदबू लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। वहीं कचरे के ढेर के आसपास आवारा जानवरों का जमघट लगा होने से हादसों की संभावना भी बनी रहती है। कस्बे स्थित सुलभ शौचालयों में गंदगी का आलम लगा हुआ है । दुर्गंध आने से राहगीरो का निकलना भी दुर्लभ हो रहा है ।शिकायत करने के बाद भी इस मामले, मे सफाई व्यवस्था के हालात नहीं सुधर रहे हैं। जिससे गंदगी से बीमारियों के फैलने की संभावना है।
मालाखेड़ा रोड वार्ड नंबर 19 , सब्जी मंडी चोपड़ा बाजार मालाखेड़ा रोड इमली वाले हनुमान मंदिर के पास , वार्ड नंबर 17 जलदाय विभाग कार्यालय के पास सहित जगह-जगह के कई मोहल्लों में स्थाई व अस्थाई रूप से बने कचरे के ढेर निवासियों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं।
शहर में इन गंदगी ढेरों से कालोनी वासियों बाजार में व्यापारियों का चिंता का विषय है। इन गंदगी के ढेरों से न केवल बीमारियों का खतरा रहता है, जितेंद्र शर्मा का कहना है कि लोग कचरे के ढेर में आग लगा देते हैं जिससे बाजार में प्रदूषण फैल रहा है। सफाई एवं रोशनी की व्यवस्था किसी मुसीबत से कम नहीं है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी है ।नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है।
रोशनी व्यवस्था नहीं होने से आवारा पशु बन रहे हादसों का कारण, लोग परेशान
शहर के मुख्य चौराहों, गलियों, बाजारों में आवारा पशु घूमते रहते हैं। जिसके चलते रात्रि में आने जाने वाले राहगीरों को बगैर रोशनी के दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है। बाजारों में खरीदारी करने आए ग्राहक व वाहन चालक काफी परेशान हैं। इसके अलावा शहर के दुकानदार भी आवारा पशुओं से काफी दुखी हैं। गौरतलब है कि शहर के पुराना बस स्टैंड, सब्जी मंडी, मे आवारा पशुओं की संख्या इस कदर बढ़ी है कि जहां देखो गाय, बछड़े, सांड इत्यादि पशु इधर-उधर मुंह मारते नजर आते हैं। एक ओर जहां ये आवारा पशु आवागमन में परेशानी का सबब बने हैं। वहीं हादसों को न्यौता भी दे रहे हैं। दुपहिया वाहन चालक एवं बाजारों में विशेषकर बच्चे, बड़े, बूढ़े इन पशुओं का शिकार हो रहे हैं। शहर में आवारा घूम रहे पशुओं को लेकर स्थानीय नगर पालिका द्वारा कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यहां तक कि स्वयं सरकारी कार्यालयों के बाहर भी इन पशुओं का जमावड़ा देखा जा सकता है। भीड़ वाले क्षेत्रों में पशुओं का झुंड सड़क हादसों का कारण बन रहा है। सब्जी मंडी में पड़ी गंदगी के समीप कचरे पात्रों के समीप इन पशुओं की संख्या बढ़ रही है। बस स्टैंड पर आवारा पशुओं का जमावड़ा यात्री, कर्मचारियों के लिए भारी परेशानी बना हुआ है।
नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता श्याम सुंदर पांडे का कहना है कि सफाई कर्मियों से वार्ता की जा रही है लेकिन अभी तक सहमति नहीं बनी है । रोशनी की व्यवस्था में शीघ्र ही सुधार किया जाएगा।