टोंक में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: बिजली निगम का AEN और कंप्यूटर ऑपरेटर 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
टोंक (राजस्थान) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टोंक इकाई ने आज एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) के सहायक अभियंता (AEN) नवनीत सिंह गुर्जर और उनके कार्यालय में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद शाजिम (दलाल) को परिवादी से 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) नारायण टोगस के सुपरविजन में टोंक एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा संपादित की गई।
टोंक शहर के एक स्थानीय निवासी (परिवादी) ने टोंक एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि विगत दिनों बिजली निगम की एक टीम उसके घर आई थी और मीटर की फोटो खींचकर उसे अपने साथ खोलकर ले गई थी। इसके पश्चात, सहायक अभियंता (AEN) नवनीत सिंह गुर्जर ने परिवादी को 55,000 रुपए की वीसीआर (विद्युत चोरी रिपोर्ट) भरने की धमकी दी तथा मामला रफा-दफा करने एवं मीटर वापस लगाने की एवज में 25,000 रुपए की रिश्वत राशि की मांग कर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
शिकायत का सत्यापन एवं ट्रैप की कार्रवाई: एसीबी टीम द्वारा गुरुवार (4 जून) को ही शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया गया, जिसमें 20,000 रुपए रिश्वत राशि में मामला तय होने की पुष्टि हुई। शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे एसीबी टीम ने जाल बिछाकर परिवादी को केमिकल युक्त नोट देकर भेजा। जैसे ही परिवादी ने एईएन नवनीत सिंह गुर्जर के कक्ष में पहुंचकर राशि देनी चाही, तो उन्होंने स्वयं राशि न लेकर उसे अपने संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर (दलाल) मोहम्मद शाजिम को देने का इशारा किया। राशि हस्तांतरित होते ही बाहर मुस्तैद एसीबी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया और दलाल के पास से रिश्वत की शत-प्रतिशत राशि बरामद कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- नवनीत सिंह गुर्जर — सहायक अभियंता (AEN), बिजली निगम, टोंक (निवासी: जयपुर)
- मोहम्मद शाजिम — संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर (दलाल), एईएन कार्यालय, टोंक (निवासी: कालीपलटन, टोंक)
आरोपी नवनीत सिंह गुर्जर जयपुर का निवासी है और प्रतिदिन टोंक अप-डाउन करता था। एसीबी मुख्यालय के निर्देशानुसार, आरोपी के जयपुर स्थित आवास व अन्य ठिकानों पर भी सर्च (तलाशी) की कार्रवाई हेतु उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, जहां अग्रिम सर्चिंग जारी है। एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।


