एनटीपीसी अधिकारी डॉ. अशफाक खान की सेवानिवृत्ति पर अविस्मरणीय सम्मान, अब पूर्ण रूप से करेंगे समाज सेवा
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डॉ. अशफाक खान की सेवानिवृति पर अविस्मरणीय सम्मान
अंता (शफीक मंसूरी) एनटीपीसी के लेखा अधिकारी एवं बारां जिले के प्रमुख समाज सेवी डॉ. अशफाक खान एनटीपीसी अंता से उनकी 36 वर्ष की दीर्घकालीन सेवाओ से सेवानिवृत हुए। इस अवसर पर एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अनिल बवेजा ने उनको शाल माला और उपहार और प्रशंशा पत्र देकर सम्मानित किया और उनकी कंपनी में की गई सेवाओं की प्रशंशा की। इस अवसर पर कम्पनी के सभी वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं संविदा कर्मी एवं अंता नगर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। एनटीपीसी के पूर्व महा प्रबंधक देवेन्दर भार्गव, अपर महा प्रबंधक जगदीश गुप्ता एवं कार्यकारी सचिव श्यामसुंदर शर्मा भी अपने पुराने साथी को बधाई और शुभकामनाये देने अंता पहुंचे। एनटीपीसी अंता के सभी वरिष्ठ अधिकारियो और कर्मचारियो ने खान के साथ बिताये लम्हो का जिक्र करते हुए उनके सेवानिवृति को कंपनी के लिए एक बड़ी कमी बताया। डॉ. अशफाक खान ने अपने उद्भोधन में कहा की वो एनटीपीसी जैसी महान कम्पनी के और सबसे मिले प्यार सहयोग के सदा ऋणी रहेंगे, और जब कभी भी उन्हें याद किया जायेगा वो कम्पनी के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा की वो पूर्व में सेवाओं में रहते खुलकर समाज सेवा नहीं कर पा रहे थे अब वो खुलकर पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित रहेंगे। उन्होंने कहा की उनके जीवन का मिशन "नर सेवा नारायण सेवा हे"
डा.अशफाक खान ने अपने कार्यकाल में बहुत अच्छे सामाजिक कार्य किए जो एक मिसाल है आपने। शिक्षा, चिकित्सा, सर्दी में गरीबो को कंबल बांटकर गरीबो को ठण्ड से बचाना,वृक्षारोपण धार्मिक सहित कई काम मजबूती लगन से करना
आपने जो काम किए हैं, उनका असर दूर तक जाता है 1. शिक्षा: गरीब बच्चे का स्कूल में दाखिला करवाना या कॉपी-किताब दिलवा देना = एक परिवार की गरीबी की चेन तोड़ना गरीब बच्चो की पढ़ाई कराना चिकित्सा: किसी का इलाज करवाना, खून देना, दवाई दिलवाना रोड एक्सीडेंट में घायल को अस्पताल पहुंचा देना एक घर उजड़ने से बचाना सामाजिक कार्य: सफाई अभियान, नशा मुक्ति, बेटी बचाओ = समाज की सोच बदलना। यही असली बदलाव है।
यह समाचार अत्यंत प्रेरक है। डॉ. अशफाक खान जी का 36 वर्षों का कार्यकाल और उसके बाद समाज सेवा के प्रति उनका यह जज्बा वाकई काबिले-तारीफ है।
इस खबर को समाचार पत्रों या सोशल मीडिया के लिए एक आकर्षक, सुव्यवस्थित और प्रभावशाली समाचार प्रारूप (News Format) में नीचे प्रस्तुत किया गया है:
अंता (शफीक मंसूरी)। एनटीपीसी (NTPC) अंता के लेखा अधिकारी एवं बारां जिले के प्रमुख समाजसेवी डॉ. अशफाक खान अपनी 36 वर्ष की दीर्घकालीन और शानदार सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर एनटीपीसी परिसर में एक भव्य विदाई और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जो बेहद भावुक और अविस्मरणीय रहा।
समारोह में एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अनिल बवेजा ने डॉ. खान को शॉल, माला, उपहार और प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. खान द्वारा कंपनी के विकास में दिए गए योगदान की जमकर सराहना की।
इस अवसर पर कंपनी के सभी वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, संविदा कर्मी सहित अंता नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अपने पुराने साथी को विदाई देने के लिए एनटीपीसी के पूर्व महाप्रबंधक देवेन्दर भार्गव, अपर महाप्रबंधक जगदीश गुप्ता एवं कार्यकारी सचिव श्यामसुंदर शर्मा भी विशेष रूप से अंता पहुंचे।
सभी सहयोगियों ने डॉ. खान के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति कंपनी के लिए एक बड़ी कमी है, जिसे पूरा करना आसान नहीं होगा।
अपने विदाई भाषण में डॉ. अशफाक खान भावुक हो गए। उन्होंने कहा:
"मैं एनटीपीसी जैसी महान कंपनी और यहाँ के साथियों से मिले प्यार व सहयोग का सदा ऋणी रहूँगा। कंपनी को जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं हमेशा खड़ा रहूँगा।"
उन्होंने आगे अपने जीवन के नए अध्याय के बारे में बात करते हुए कहा कि नौकरी में रहते हुए वे खुलकर समाज सेवा नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब वे अपना पूरा जीवन पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित कर देंगे। उनके जीवन का एकमात्र मिशन अब "नर सेवा ही नारायण सेवा" है।
डॉ. अशफाक खान ने अपने सेवाकाल के दौरान ही कई ऐसे सामाजिक कार्य किए हैं जो समाज के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यों का असर जमीन पर साफ दिखाई देता है:
| क्षेत्र | किए गए प्रमुख कार्य और उनका प्रभाव |
|---|---|
| शिक्षा | गरीब बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाना, उन्हें कॉपी-किताबें दिलवाना। उनका मानना है कि एक बच्चे को पढ़ाना मतलब एक परिवार की गरीबी की चेन को तोड़ना है। |
| चिकित्सा व जीवन रक्षा | मरीजों का इलाज करवाना, रक्तदान करना, दवाइयाँ दिलवाना और सड़क हादसों में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाकर कई उजड़ते परिवारों को बचाना। |
| गरीब कल्याण | कड़कड़ाती ठंड में गरीबों और असहायों को कंबल बांटकर उन्हें राहत देना। |
| सामाजिक जागरूकता | वृक्षारोपण, सफाई अभियान, नशा मुक्ति और 'बेटी बचाओ' जैसे अभियानों को मजबूती से चलाकर समाज की सोच को बदलना। |
डॉ. अशफाक खान की यह सेवानिवृत्ति असल में उनके सामाजिक जीवन की एक नई और ऊर्जावान शुरुआत है। पूरा अंता क्षेत्र उनके उज्ज्वल और सेवामयी भविष्य की कामना करता है।
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अंता (शफिक मंसूरी) एनटीपीसी (NTPC) अंता के प्रतिष्ठित लेखा अधिकारी एवं बारां जिले के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. अशफाक खान अपनी 36 वर्ष की दीर्घकालीन और निष्कलंक सेवाओं के पश्चात सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर एनटीपीसी अंता संस्थान में एक भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. खान की कर्तव्यनिष्ठ सेवाओं, उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और उनके मिलनसार स्वभाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अनिल बवेजा ने डॉ. अशफाक खान को संस्थान की ओर से शॉल, माला, स्मृति चिह्न, उपहार और प्रशंसा पत्र भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य महाप्रबंधक बवेजा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. खान ने अपने 36 वर्षों के लंबे सेवाकाल में कंपनी के वित्तीय व प्रशासनिक प्रबंधन में अनुकरणीय योगदान दिया। उन्होंने डॉ. खान के उज्ज्वल व स्वस्थ भविष्य की कामना करते हुए उनकी सेवाओं को कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
इस विदाई समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए एनटीपीसी के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से अंता पहुंचे, जिनमें पूर्व महाप्रबंधक देवेन्दर भार्गव, अपर महाप्रबंधक जगदीश गुप्ता एवं कार्यकारी सचिव श्यामसुंदर शर्मा शामिल थे। पुराने सहयोगियों ने डॉ. खान के साथ बिताए सुनहरे पलों और अनुभवों को साझा किया। सभी वक्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि डॉ. खान की सेवानिवृत्ति से कंपनी में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, जिसे पूरा कर पाना एक कठिन कार्य होगा। समारोह में एनटीपीसी के समस्त वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, संविदा कर्मी एवं अंता नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
अपनी विदाई के इस भावुक क्षण पर आभार व्यक्त करते हुए डॉ. अशफाक खान ने कहा कि वे एनटीपीसी जैसी प्रतिष्ठित और महान कंपनी का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "संस्थान और यहाँ के सहकर्मियों से मुझे जो अपार स्नेह, सम्मान और सहयोग मिला है, उसका मैं जीवनभर ऋणी रहूँगा। सेवानिवृत्ति के बाद भी कंपनी को जब कभी भी मेरी प्रशासनिक अथवा व्यक्तिगत सेवाओं की आवश्यकता होगी, मैं सदैव सहर्ष तत्पर रहूँगा।"
डॉ. खान ने आगे अपनी भावी सामाजिक योजनाओं को रेखांकित करते हुए कहा: "नौकरी की प्रशासनिक व्यस्तताओं और सीमाओं के कारण मैं पूर्व में खुलकर समाज सेवा को समय नहीं दे पा रहा था। अब जीवन का शेष समय पूर्ण रूप से पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित रहेगा। मेरे जीवन का एकमात्र परम मिशन 'नर सेवा नारायण सेवा' ही है।"
उल्लेखनीय है कि डॉ. अशफाक खान शासकीय सेवा में रहते हुए भी बारां जिले में सामाजिक सरोकारों के प्रतीक रहे हैं। उनके द्वारा किए गए मानवीय कार्यों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा है:
शिक्षा के क्षेत्र में जागृति: गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराना, उनके लिए कॉपियां, किताबें और फीस की व्यवस्था करना उनकी दिनचर्या में शामिल रहा है। उनका दृढ़ विश्वास है कि एक भी बच्चे को शिक्षित करना अर्थात पूरे परिवार की गरीबी के कुचक्र को तोड़ना है।
चिकित्सा और जीवन रक्षा: निर्धन मरीजों के इलाज की व्यवस्था करना, समय पर दवाइयां दिलवाना और रक्तदान जैसे पुनीत कार्य वे लगातार करते रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उन्होंने कई अनमोल जिंदगियां बचाई हैं।
गरीब कल्याण व पर्यावरण संरक्षण: कड़कड़ाती ठंड में प्रतिवर्ष सैकड़ों निराश्रितों को कंबल और गर्म कपड़े वितरित करना, व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाना तथा स्वच्छता व नशा मुक्ति जैसे अभियानों के माध्यम से समाज में वैचारिक परिवर्तन लाने के लिए वे सदैव सक्रिय रहे हैं।
विदाई समारोह के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और एनटीपीसी परिवार ने नम आंखों से डॉ. अशफाक खान को विदाई दी तथा समाज सेवा के उनके नए संकल्पित मार्ग के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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