जर्जर आंगनवाड़ियों की बदली सूरत:वेदांता और हिंदुस्तान जिंक की पहल से बच्चों को मिलीं कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं,261 नंद घरों का हुआ उद्घाटन
चित्तौड़गढ़। जिले में बच्चों के सुनहरे भविष्य और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। वेदांता ग्रुप और हिंदुस्तान जिंक की ओर से सीएसआर पहल के तहत जिले के 261 नवनिर्मित 'नंद घरों' का विधिवत उद्घाटन किया गया। ये नंद घर पुराने और जर्जर हो चुके आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर तैयार किए गए हैं जो अब गांवों में शिक्षा और पोषण के मॉडल केंद्रों के रूप में पहचाने जाएंगे।
सुविधाओं से लैस हुए केंद्र, 6 ब्लॉकों को मिला लाभ
हिंदुस्तान जिंक द्वारा इन केंद्रों का पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। अब यहाँ बच्चों के लिए आकर्षक क्लासरूम, खेल-कूद के साधन, बेहतर पोषण व्यवस्था और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य व जागरूकता केंद्रों की व्यवस्था की गई है। जिले के छह ब्लॉकों में इन केंद्रों का विस्तार किया गया है:
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चित्तौड़गढ़ ब्लॉक: 113 केंद्र
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गंगरार ब्लॉक: 62 केंद्र
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भदेसर ब्लॉक: 60 केंद्र
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राशमी ब्लॉक: 18 केंद्र
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निंबाहेड़ा ब्लॉक: 05 केंद्र
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भूपालसागर ब्लॉक: 03 केंद्र
सांसद और कलेक्टर ने सराहा प्रयास
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सांसद सी.पी. जोशी और जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने इस पहल की सराहना की। सांसद जोशी ने कहा कि नंद घर योजना सरकारी आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है। कलेक्टर आलोक रंजन ने विश्वास जताया कि इन केंद्रों से गांवों में बच्चों के कुपोषण में कमी आएगी और शुरुआती शिक्षा का स्तर सुधरेगा। वेदांता की सीएसआर हेड अनुपम निधि और चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के आईबीयू डायरेक्टर आलोक रंजन ने भी इस योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
इस गरिमामयी समारोह में जिले की 40 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ये सम्मान उन्हें गांवों में बच्चों के टीकाकरण, पोषण और महिलाओं को जागरूक करने में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और समुदाय के साझा प्रयासों से ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा की बुनियाद मजबूत की जा सकती है।