धार्मिक आस्था और समर्पण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के परिवार ने शुरू की गोवर्धन की 'सप्तकोशीय दंडोति परिक्रमा'
गोवर्धन (उत्तरप्रदेश) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के परिवार ने अधिक मास के पावन अवसर पर अपनी गहरी धार्मिक आस्था का परिचय देते हुए गोवर्धन की प्रसिद्ध 'सप्तकोशीय दंडोति परिक्रमा' शुरू की है। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता देवी शर्मा और उनके पुत्र डॉ. कुणाल शर्मा ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर स्थित राजस्थान सीमा क्षेत्र के 'पूंछरी के लौठा' से इस कठिन और पवित्र परिक्रमा का शुभारंभ किया।
- अधिक मास में गोवर्धन परिक्रमा का विशेष महत्व:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के दौरान गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा करने का अत्यंत विशेष और अनंत फलदायी महत्व माना गया है। दंडोति परिक्रमा एक बेहद कठिन धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें श्रद्धालु पूरे मार्ग पर दंडवत प्रणाम (लेटकर) करते हुए निर्धारित दूरी तय करते हैं। मुख्यमंत्री परिवार की इस कठिन साधना और अटूट आस्था को देखकर परिक्रमा मार्ग पर आम श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और स्थानीय लोगों ने इसे धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण का एक अनूठा उदाहरण बताया है।
- सुरक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता इंतजाम:
मुख्यमंत्री परिवार की इस धार्मिक यात्रा और सुरक्षा व स्वास्थ्य आवश्यकताओं के मद्देनजर प्रशासन द्वारा व्यापक और विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक डॉक्टरों की मेडिकल टीम एम्बुलेंस के साथ लगातार उनके साथ चल रही है। प्रशासनिक अधिकारी परिक्रमा के निर्विघ्न, सुगम और सुरक्षित समापन के लिए पल-पल की व्यवस्थाओं की खुद निगरानी कर रहे हैं।
- श्री गिरिराज महाराज के अनन्य भक्त हैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा:
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की श्री गिरिराज महाराज (गोवर्धन) में गहरी और अटूट आस्था है। वे मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में भी समय-समय पर पूंछरी के लौठा स्थित मंदिर में दर्शन, पूजा-अर्चना और विशेष धार्मिक आयोजनों में भाग लेने आते रहे हैं। इसी कड़ी में अब उनके परिवार द्वारा लोक-कल्याण की भावना और धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए यह सप्तकोशीय दंडोति परिक्रमा की जा रही है।


