सौतेले पिता ने नाबालिग बेटी से किया रेप, प्रेग्नेंट हुई तो खुला सच्चाई राज, छः महीने से कर रहा था बेटी बलात्कार
कोटा (बरकत खान) राजस्थान में रिश्तों को क्लिकिंग करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहा एक सौतेले पिता ने 15 वर्ष की नाबालिग बेटी के साथ पिछले छः महीने से डरा - धमकाकर बलात्कार किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित करीब 4 - 5 महीने की गर्भवती हो गई।
पीड़ित की लिखित रिपोर्ट पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पीड़ित ने अपनी मां और भाई के साथ कोटा ग्रामीण थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता का देहांत 13 - 14 वर्ष पहले हो चुका था जिसके बाद उसकी मां ने नाता विवाह कर लिया था
सौतेले पिता पिछले छः महीने से बलात्कार कर रहा था। लोकलाज ओर आरोपी की ओर से जान से मारने व मारपीट की धमकी दिए जाने के कारण पीडीता सहमी हुई थी और उसने यह भी बताया कि किसी को नहीं बताने। तबीयत बिगड़ने पर जब डॉक्टर से जांच वह सोनोग्राफी करवाईं गई तो पता चला, रिपोर्ट में उसके गर्भवती होने कि पुष्टि हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में जांच करवाई थी। पीड़िता की उम्र 15 वर्ष छः माह की गर्भवती पाई गई है तथा मेडिकल रिपोर्ट में बताया कि पुष्टि हुई है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ जुर्म प्रमाणित पाया गया।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि आरोपी शातिर प्रवृत्ति का है और शराब पीकर बच्चों से मारपीट करता था। वह मध्यप्रदेश भागने की फिराक में था तथा पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया आरोपी को पोक्सो कोर्ट कोटा में पेश कर जेल भेज दिया गया है
नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को 3 साल का कारावास
वहीं कोटा के दूसरे मामले में पाक्सो विशिष्ट न्यायालय क्रमांक 5 ने नाबालिग छात्रा का पीछा करने छेड़छाड़ करने एवं धमकाने के मामले में आरोपी को दोषसिद्धि होने पर विभिन्न धाराओं में तीन साल के कारावास और 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है
विशिष्ट लोक अभियोजक महेश चांदवानी ने बताया कि जुलाई 2023 में बालिका के पिता ने कोटा ग्रामीण थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि आरोपी ने उसकी नाबालिग पुत्री का पीछा करने उससे छेड़छाड़ कि ओर छेड़छाड़ करने के बारे में किसी को न बताने के लिए धमकाया। मामले में कोटा पुलिस आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
न्यायालय में अभियोजक पक्ष की ओर से 13 गवाहों और 16 दस्तावेज पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने आरोपी को 3 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना और 50 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया


