नारकोटिक्स ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, 9600 नशीले कैप्सूल के साथ तस्कर गिरफ्तार, अलवर से खरीदकर ला रहा था
दौसा/सैंथल (अवधेश अवस्थी) देशव्यापी 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) जयपुर की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरो की टीम ने दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-148 पर नाकाबंदी के दौरान एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी से भारी मात्रा में नशीली दवाएं (ट्रामाडोल कैप्सूल) जब्त की हैं। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बोलेरो चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- गुप्त सूचना पर हाईवे पर की गई नाकाबंदी
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो को क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बड़ी खेप की तस्करी होने की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। इस पर ब्यूरो की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मनोहरपुर-दौसा हाईवे पर विशेष नाकाबंदी की। इस दौरान दौसा से मनोहरपुर की तरफ जा रही एक संदिग्ध सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी को रोककर जब उसकी सघन तलाशी ली गई, तो टीम के होश उड़ गए। वाहन के भीतर से कुल 9,600 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए, जिनका कुल वजन करीब 6 किलोग्राम है।
- डॉक्टर के पर्चे के बिना प्रतिबंधित है यह दवा
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रामाडोल का इस्तेमाल गंभीर दर्द निवारक के रूप में केवल डॉक्टर की लिखित पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही किया जा सकता है, लेकिन आजकल इसका बड़े पैमाने पर नशे के रूप में दुरुपयोग किया जा रहा है। पकड़े गए आरोपी के पास इन कैप्सूलों के संबंध में कोई भी वैध बिल, लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिला। इस पर ब्यूरो की टीम ने मादक पदार्थों की इस बड़ी खेप को जब्त कर बोलेरो गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।
- अलवर से जुड़ा है नशीली दवाओं का कनेक्शन
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए बोलेरो चालक की पहचान विजय सैनी के रूप में हुई है, जो गोलाकाबास (टहला, अलवर) का निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह इन नशीले कैप्सूलों को अलवर से अवैध रूप से खरीदकर लाया था और इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने के लिए आगे ले जा रहा था। मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
केंद्रीय नारकोटिक्स उपायुक्त नरेश बुंदेल के निर्देशन में विभिन्न जिलों में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। विशिष्ट लोक अभियोजक कमलेश बोहरा ने बताया कि आरोपी बिना किसी वैध दस्तावेज के नशीली दवाओं की तस्करी कर रहा था। अनुसंधान अधिकारी द्वारा शनिवार को आरोपी विजय सैनी को संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेजने के आदेश जारी किए हैं। पुलिस और ब्यूरो की टीमें अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों का पता लगाने में जुटी हैं।


