5000 रुपए के लालच में बना 'साइबर क्रिमिनल' का मददगार; 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत प्रतापगढ़ पुलिस ने दबोचा
प्रतापगढ़ / राजस्थान
राजस्थान पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' अभियान के तहत प्रतापगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी बी. आदित्य के कड़े रुख के बाद सालमगढ थाना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी चंद्रशेखर पालीवाल के मार्गदर्शन में सालमगढ थाने की एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने पुलिस मुख्यालय से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कुडल बडीसाखथली निवासी नारायण लाल मीणा (42) के दो बैंक खातों (खाता संख्या: 38179099640 और 40530100005457) में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन पाए गए।
₹5000 का लालच पड़ा भारी
पुलिस अनुसंधान में हुआ चौंकाने वाला खुलासा:
आरोपी नारायण लाल मीणा को कुछ समय पहले एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। उस शातिर ठग ने नारायण लाल को केवल अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने देने के बदले ₹5,000 कमीशन का लालच दिया था। चंद रुपयों के लालच में आकर नारायण लाल ने अपने खातों की कमान ठगों को सौंप दी, जिसका इस्तेमाल बाद में देश भर में साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने (मनी म्यूल) के लिए किया गया।
कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज, आरोपी रिमांड पर
सालमगढ थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 316(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने 42 वर्षीय आरोपी नारायण लाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब मुख्य आरोपी (कॉल करने वाले ठग) की तलाश में जुटी है।
पुलिस की अपील: खाता और OTP शेयर न करें
"साइबर ठग सीधे तौर पर खुद को बचाने के लिए सीधे-साधे लोगों के बैंक खातों को किराए पर लेते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल या ओटीपी साझा न करें। ऐसा करना आपको सीधे जेल पहुंचा सकता है।"
– प्रतापगढ़ पुलिस प्रशासन


