आस्था का महाकुंभ: कैला देवी मेले के लिए सजी करौली, 16 मार्च से 1 अप्रैल तक जुटेंगे लाखों श्रद्धालु; सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम
करौली। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ कैला देवी धाम में 16 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्रि मेले के लिए तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष खाका तैयार किया है।
सुगम दर्शन के लिए रेलिंग और सुरक्षा चक्र मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष किशन पाल सिंह ने बताया कि दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए रेलिंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। रेलिंग मार्ग में पर्याप्त प्रकाश, वेंटिलेशन और पेयजल की व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मंदिर परिसर में 12 इमरजेंसी गेट बनाए गए हैं, जहाँ सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे।
बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी प्राथमिकता ट्रस्ट ने इस बार दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की हैं। मंदिर परिसर में रैंप के साथ 11 व्हीलचेयर और 5 ई-रिक्शा उपलब्ध रहेंगे, ताकि उन्हें दर्शन में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
घाटों पर सुरक्षा और सफाई का जिम्मा श्रद्धालुओं की आस्था की डुबकी सुरक्षित रहे, इसके लिए कालीसिल नदी के घाटों पर 12 गोताखोर और 2 नावें तैनात रहेंगी। महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग स्नान घाट और चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। स्वच्छता बनाए रखने के लिए 200 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की नियुक्ति की गई है।
ठंडा पानी और 24 घंटे चिकित्सा सेवा मेला क्षेत्र में 25 जल मंदिरों और आरओ प्लांट के जरिए शीतल जल की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही, भीषण गर्मी से बचाव के लिए डोमशेड में पंखे और कूलर लगाए गए हैं। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ट्रस्ट चिकित्सालय में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम और दो एम्बुलेंस स्टैंडबाय पर रहेंगी।
एक नज़र में मेला व्यवस्थाएं:
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अवधि: 16 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक।
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पेयजल: 25 जल मंदिर और आरओ प्लांट।
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स्वच्छता: 200 अतिरिक्त कर्मचारी और सैकड़ों अस्थाई शौचालय।
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परिवहन: बस स्टैंड और पार्किंग क्षेत्रों में विशेष प्रकाश व्यवस्था।