अजमेर में सफाई व्यवस्था ठप: चौथे दिन भी 2250 सफाईकर्मी हड़ताल पर, ठेकेदार की शव यात्रा निकालकर जताया विरोध
अजमेर: (राजस्थान) अजमेर नगर निगम में कार्यरत करीब 2250 अस्थाई सफाई कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रही। मानदेय में बढ़ोतरी करने और भविष्य निधि (PF) की बकाया राशि को तुरंत खाते में जमा कराने की मुख्य मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने आज एक अनोखे और उग्र तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग से लेकर गांधी भवन तक ठेकेदार की शव यात्रा निकाली और वहां उसका पुतला दहन किया।
इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी उपेक्षा का आरोप लगाया।
- मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
अस्थाई सफाई कर्मचारी प्रतिनिधि सनी गौयर ने बताया कि हड़ताल के चार दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम प्रशासन और ठेकेदार की ओर से वार्ता या समाधान की कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। प्रशासन के इसी अड़ियल रवैये के कारण मजबूर होकर कर्मचारियों को शव यात्रा निकालने और पुतला दहन जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी जायज मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- आंदोलन को मिला कांग्रेस का साथ
लगातार चार दिनों से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलना शुरू हो गया है। गुरुवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारी कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया।
डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा: "लगभग 2500 अस्थाई सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से सड़कों पर हैं, लेकिन वर्तमान सरकार और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी इन सफाईकर्मियों के हक की इस लड़ाई में पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। प्रशासन को तुरंत प्रभाव से ठेकेदार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस गतिरोध को दूर करना चाहिए ताकि शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू हो सके।"
सफाई कर्मचारियों की इस बेमियादी हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न वार्डों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे आमजन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


