सिंधी अस्मिता की अलख जगाने अलवर पहुंची 'सिंधु संस्कृति यात्रा', सिंधु भवन में हुआ भव्य और ऐतिहासिक स्वागत
अलवर (हीरालाल भूरानी) राजस्थान सिंधी अकादमी एवं भारतीय सिंधु सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रव्यापी 'सिंधु संस्कृति यात्रा' का अलवर पहुंचने पर सिंधी समाज द्वारा ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। सिंधी अस्मिता, भाषा और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के उद्देश्य से 17 मई को अमरपुरा दरबार, जयपुर से शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न जिलों से होते हुए अलवर के दाउदपुर स्थित सिंधु भवन पहुंची। यहाँ सिंधी समाज के विभिन्न संगठनों, पूज्य पंचायतों और मातृशक्ति द्वारा पारंपरिक सिंधी शहनाई की मधुर गूंज और पुष्पवर्षा के साथ यात्रा की अगवानी की गई।
यात्रा के अलवर आगमन पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं यात्रा प्रभारी महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर मोराणी, प्रदेश भाषा व साहित्यिक मंत्री डॉ. प्रदीप गेहाणी, प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती शोभा बसंतानी तथा जयपुर मंत्री प्रीति वाधवानी ने शिरकट की। इन वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अलवर सिंधी समाज के प्रबुद्ध कार्यकर्ताओं के साथ सिंधी संस्कृति को भावी पीढ़ी में रोपित करने और सिंधी भाषा के विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने सभा को संबोधित करते हुए दृढ़ता से कहा, "सिंध मिलकर एक दिन पुनः अखण्ड भारत का स्वरूप लेगा। भारतीय सिंधु सभा द्वारा प्रतिवर्ष 14 अगस्त को देशव्यापी 'सिन्ध स्मृति दिवस' का आयोजन किया जाता है, जिसे भारत सरकार ने भी 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में घोषित किया है। हम परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हम सभी अपने जीवनकाल में ही अखण्ड भारत के अंतर्गत सिन्ध के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करें।"
महासचिव सुभाष चंद्र निहालानी ने यात्रा के आगामी रूट की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 5,000 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने वाली यह ऐतिहासिक यात्रा 7 जून को प्रातः 8:00 बजे सिंधु भवन, अलवर से खैरथल के लिए प्रस्थान करेगी। इस व्यापक सांस्कृतिक चेतना यात्रा का भव्य समापन आगामी 14 जून को जयपुर के पाथेय भवन स्थित देवऋषि नारद सभागार में आयोजित मुख्य समारोह के साथ होगा।
इस अवसर पर भारतीय सिंधु सभा के जिला अध्यक्ष तेजूमल रामचंदानी, विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय सचिव सुरेश कुमार थदानी, पूज्य सिंधी पंचायत के पूर्व अध्यक्ष चंदूलाल बोदवानी, फल-सब्जी मंडी एसोसिएशन के संरक्षक ठाकुरदास भोजवानी, रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा कोरजानी, पूज्य बहिराणा मंडल के तुलसी दास खानवानी, सिंधी सेवा समिति (शिवाजी पार्क) के अध्यक्ष खेमचंद चंदवानी, सिंधी सखी समिति की अध्यक्ष गीता साधवानी, एकता कुकरेजा, नैना रोघा, राज कुमार तीर्थानी सहित सिंधी समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।


