झालावाड़: 45 बालिकाओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर; कात्यायनी समिति के शिविर में 'कालिका टीम' ने दी ट्रेनिंग
झालावाड़। महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कात्यायनी महिला उत्थान समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य आगाज़ हुआ। 'महिला शिक्षण विहार' में आयोजित इस शिविर में शहर की 45 बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और विपरीत परिस्थितियों से निपटने की तकनीकें सीखीं।
पुलिस की 'कालिका टीम' ने सिखाए सुरक्षा के मंत्र
प्रशिक्षण की कमान महिला पुलिस की अनुभवी टीम और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संभाली। प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को केवल शारीरिक दांव-पेच ही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में उपयोग होने वाले विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी अधिकारों की भी विस्तृत जानकारी दी।
गुड टच-बैड टच और महिला उत्थान पर चर्चा
शिविर के दौरान सामाजिक जागरूकता पर भी जोर दिया गया:
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डॉ. अचला नागर (अध्यक्ष): उन्होंने समिति द्वारा महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके उत्थान के लिए किए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों से अवगत कराया।
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वंदना पाटीदार (कोषाध्यक्ष): उन्होंने बालिकाओं को 'गुड टच और बैड टच' के बीच का अंतर समझाते हुए जागरूक रहने की अपील की।
शिक्षा अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी पवन पाटीदार ने कहा कि वर्तमान परिवेश में हर बेटी का आत्मरक्षा में निपुण होना अनिवार्य है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय की मांग बताया।
समिति सदस्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति
प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में मिथलेश तानीवाल, संध्या शर्मा, निर्मला शर्मा, अलका हाड़ा, अंजु गोयल, तृप्ति शर्मा, सुमनलता जी, सीमा सेन, सरोज मेहरा और नीतू सैनी ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में महिला शिक्षण विहार के प्रभारी शिवप्रसाद चोबदार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।


