'विश्व पर्यावरण दिवस' केवल कागजी खानापूर्ति या संरक्षण का सच्चा संकल्प? भीलवाड़ा में उठे गंभीर सवाल
करोड़ों के बजट के बाद भी आंकड़ों में सिमटा पौधारोपण; अफसर 'एसी रूम' से बाहर निकलकर धरातल पर करें आकलन
भीलवाड़ा (राजस्थान) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज भीलवाड़ा के प्रमुख नागरिक और प्रबुद्ध विचारक राजकुमार गोयल ने देश में पर्यावरण संरक्षण के नाम पर चल रही व्यवस्था और प्रशासनिक ढर्रे पर गंभीर सवाल उठाए हैं
राजकुमार गोयल ने बताया कि प्रतिवर्ष 5 जून को संयुक्त राष्ट्र (UN) के निर्देशानुसार पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है
गोयल ने सीधे प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा:- "इस महायज्ञ में सरकार के साथ-साथ संबंधित विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन जब तक जिम्मेदार अफसर अपने 'एसी रूम' (A.C. Rooms) से बाहर निकलकर धरातल पर लगाए गए पौधों का वास्तविक आकलन नहीं करेंगे, तब तक पर्यावरण दिवस मनाना महज एक खानापूर्ति ही साबित होगा।"
प्रेस नोट में चेतावनी देते हुए कहा गया कि बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण, वनों की कटाई और प्लास्टिक प्रदूषण के कारण आज हमारी प्रकृति गंभीर रूप से लहूलुहान है
अंत में, भीलवाड़ा की जनता और प्रशासन से अपील करते हुए कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है


