आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने किये प्रस्ताव पारित; कमल सिंह मीना बनाए अलवर जिलाध्यक्ष
श्रीमहावीरजी (करौली) मीणा समुदाय की सर्वोच्च अथाईं श्रीमहावीरजी में रविवार 29 मार्च को 10 जिलों के मीणा पंच पटेलों और प्रबुद्ध लोगों की भारी संख्या की उपस्थिति में आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें सर्व सम्मति से अनेक निम्नांकित प्रस्ताव पारित किए गए।
इस सम्बन्ध मे महापंचायत के प्रदेश प्रवक्ता रूपसिंह गोरेहार ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा की उपस्थिति में कई दर्जन वक्ताओं ने इस बात पर आक्रोश एवं चिंता व्यक्त की है कि हम आदिवासी मीणा समुदाय पर प्रशासन , सरकार और न्यायपालिका द्वारा जबरन हिंदू कानून थोपे जा रहे हैं।
सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में वरिष्ठ आदिवासियों की अनदेखी की जा रही है। ऑनलाइन आवेदन करते समय आदिवासी का विकल्प हटाकर हिंदू लिखने को मजबूर किया जा रहा है जबकि संसद ने साफ शब्दों में इन कानूनों में उल्लेख किया हुआ कि कोई भी हिंदू कानून आदिवासियों पर लागू नहीं होगा।
कई घंटों की लंबी चर्चा , विचार विमर्श और मंथन के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि सभी मीणा आदिवासी जन्म , मरण और वैवाहिक कार्यक्रम में पुरखों की रूढ़ियों और परंपराओं के अनुसार सम्पन्न किए जाएंगे।
आदिवासी आयोजनों में पुरोहितों और वैदिक मंत्रोच्चारों के हस्तक्षेप को पूरी तरह से रोका जाएगा। सरकार द्वारा वैवाहिक पंजीकरण और सम्पत्ति के विभाजन में मीणा आदिवासियों पर थोपे जा रहे हिंदू कानूनों का विरोध किया जायेगा और इस बारे में जरूरी लिखित कार्यवाही करने को महापंचायत की कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया।
महापंचायत ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आदिवासियों के आंतरिक विवादों के निराकरण हर हाल में समुदाय की रूढियों और परंपराओं के अनुसार समुदाय के पंच पटेलों द्वारा ही किए जाएंगे। कानून एवं संविधान विरोधी न्यायिक निर्णयों को न्यायालयों में चुनौती दी जाएगी और आदिवासी विधायकों एवं सांसदों पर इस बात के लिए दबाव बनाया जाएगा कि वे आदिवासियों के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए विधानसभा एवं संसद में आवाज उठाएं।
यह भी निर्णय लिया गया कि संघर्ष करने के लिए आर्थिक संसाधनों की जरूरत होगी , जिसमें प्रत्येक कमाने वाले मीणा सदस्य का सहयोग जरूरी होगा जिसके संग्रह की जिम्मेदार स्थानीय पंच पटेलों की होगी। महापंचायत के सभापति रामफल पटेल मीणा बड़ोदा , उपसभापति हरसहाय पटेल गांवड़ी रहे जबकि सभा सचिव रूपचंद झरवाल सीकर रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मीणा ने विस्तार से आदिवासियों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों और कानूनों की जानकारी देने के साथ , आदिवासियों के समक्ष पेश की जा रही चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. मीणा ने महापंचायत के सफल आयोजन के लिए स्थानीय पाँच गांवों के पंच पटेलों सहित समस्त सक्रिय कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मीणा के अनुमोदन से भजन लाल मीणा को भरतपुर जिला अध्यक्ष एवं कमलसिंह मीणा को अलवर जिला अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की। चिमन लाल मीणा थूमा ने अपने गांव में महापंचायत करवाने का समस्त खर्चावहन करने की घोषणा की। नवनियुक्त दोनों जिला अध्यक्षों को जल्दी ही अपने अपने जिलों में महापंचायत का आयोजन करने को निर्देशित किया गया।
महापंचायत का संचालन रूपसिंह गोरेहार ने किया। महापंचायत को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा , प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा , प्रदेश महासचिव छोटे लाल मीणा , प्रदेश वाद पंजीयक हीरालाल मीणा, संतोकपुरा भरतपुर, तेजराम मीणा बूकणा, सुरजन मीणा बौली, रामखिलाड़ी सरपंच संतोकपुरा, नवल ठेकेदार झारेड़ा सहित अनेक प्रबुद्धजन महापंचायत में उपस्थित थे। मिडिया को यह सारी जानकारी रूप सिंह गोरेहार प्रदेश प्रवक्ता के द्वारा दी गई है।