पीएम मोदी की 'सेविंग थ्योरी' भविष्य का सुरक्षा कवच, सोना कम खरीदने की सलाह दूरदर्शी अलार्म: अरुण चतुर्वेदी
जैसलमेर / राजस्थान
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को सोना कम खरीदने और बचत की प्रवृत्ति बढ़ाने की दी गई सलाह का पुरजोर समर्थन किया है। सोमवार को जैसलमेर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि पीएम की यह अपील कोई पाबंदी नहीं, बल्कि भविष्य के आर्थिक संकटों के प्रति एक 'दूरदर्शी अलार्म' है।
लाल बहादुर शास्त्री के त्याग के आह्वान से की तुलना
प्रधानमंत्री की अपील को ऐतिहासिक संदर्भों से जोड़ते हुए अरुण चतुर्वेदी ने इसकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से की। उन्होंने कहा:
"इतिहास गवाह है कि संकट के समय नेतृत्व ने हमेशा जनता से त्याग की अपेक्षा की है। जिस तरह शास्त्री जी ने अन्न संकट के समय देश से एक वक्त का भोजन छोड़ने की अपील की थी ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें, आज मोदी जी भी भारत को आर्थिक रूप से अभेद्य बनाने के लिए बचत का आह्वान कर रहे हैं।"
वैश्विक मंदी के बीच भारत को आत्मनिर्भर बनाने का विजन
चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व के तनाव के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं डगमगा रही हैं।
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निष्क्रिय संपत्ति बनाम निवेश: उन्होंने कहा कि सोने जैसी 'निष्क्रिय संपत्ति' में पैसा फंसाने के बजाय यदि समाज बचत और उत्पादक निवेश पर ध्यान देगा, तो भारत किसी भी वैश्विक झटके को झेलने में सक्षम होगा।
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आने वाले 25 साल की नींव: मोदी जी केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाले 25 वर्षों की आर्थिक मजबूती की नींव रख रहे हैं।
महंगाई और गैस की कीमतों पर स्पष्टीकरण
विपक्ष द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का परिणाम बताया।
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सप्लाई चेन में बाधा: हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई चेन बाधित हुई है।
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चुनाव से कोई संबंध नहीं: उन्होंने साफ किया कि कीमतों में उतार-चढ़ाव को चुनाव से जोड़ना गलत है। सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बावजूद आम आदमी की रसोई पर न्यूनतम असर पड़े।
अरुण चतुर्वेदी के जैसलमेर दौरे के दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा, युवा नेता कंवराज सिंह चौहान, सुशील व्यास, सवाई सिंह गोगली समेत कई बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


