ईओयू की छापेमारी: घबराए इंजीनियर ने जलाए नोट, फिर भी मिले 39.50 लाख रुपये
पटना (शशि जायसवाल)
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शुक्रवार को एक इंजीनियर के घर पर छापा मारकर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। घबराहट में, इंजीनियर ने छापेमारी से ठीक पहले अपने घर पर नोट जला दिए, लेकिन इसके बावजूद उनके पास से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ।
नोट जलाने की कोशिश- ईओयू को सूचना मिली थी कि इंजीनियर विनोद राय के पास बड़ी मात्रा में कालाधन है। छापेमारी की खबर मिलते ही राय ने पकड़े जाने के डर से रातभर नोट जलाने की कोशिश की। हालांकि, उनकी यह कोशिश नाकाम रही और शुक्रवार सुबह जब ईओयू की टीम उनके घर पहुंची, तो 39.50 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
क्या-क्या हुआ बरामद- छापेमारी के दौरान, ईओयू को राय के घर से केवल नकदी ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले। इनमें 18 डीडी (डिमांड ड्राफ्ट), 15 बैंक खातों की पासबुक, और साझेदारी के कई कागजात शामिल हैं। इसके अलावा, करीब 26 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने, बीमा पॉलिसियां, और विभिन्न निवेशों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
इंजीनियर और पत्नी गिरफ्तार- नोट जलाने को एक गंभीर अपराध माना जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत, नोटों को नुकसान पहुँचाना या जलाना गैर-कानूनी है, जिसके लिए सात साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। इंजीनियर विनोद राय और उनकी पत्नी को नोट जलाने, सबूत मिटाने, और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद राय की पत्नी की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।