भारतमाला पर चौकी खोलने का प्रस्ताव:आईजी बोले- इस पर हम स्टडी कर रहे, तस्करों का ट्रांसपोर्ट रूट पता करेंगे
बाड़मेर / राजस्थान
जोधपुर रेंज के नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (IG) सत्येंद्र सिंह शनिवार को अपने पहले बाड़मेर दौरे पर रहे। पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार सीमावर्ती जिले पहुंचे आईजी ने पुलिस अधिकारियों के साथ मैराथन क्राइम मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर की सुरक्षा स्थितियों और जिले में पनप रहे नए अपराधों की गहन समीक्षा की।
'साइबर अरेस्ट' महज एक धोखा, सजग रहे जनता
मीडिया से रूबरू होते हुए आईजी सत्येंद्र सिंह ने हाल के दिनों में बढ़ते साइबर अपराधों पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया:
"कानून में 'साइबर अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था अस्तित्व में नहीं है। कोई भी व्यक्ति वीडियो कॉल के जरिए आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता। किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया लिंक को खोलने से पहले उसे जांच लें और ऐसे कॉल आने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।"
ड्रग्स के 'ट्रांसपोर्ट रूट' पर होगी पैनी नजर
क्षेत्र में एमडी (MD) के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए आईजी ने 'प्रो-एक्टिव पुलिसिंग' का फॉर्मूला दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल नशा पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन फैक्ट्रियों और ट्रांसपोर्ट रूट्स का पता लगाएगी जहां से नशा सप्लाई हो रहा है। इसके लिए अन्य जांच एजेंसियों के साथ समन्वय बिठाकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
भारतमाला हाईवे पर सुरक्षा का नया खाका
जिले के बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए आईजी ने कहा कि भारतमाला हाईवे की सुरक्षा पर विशेष स्टडी की जा रही है। यदि आवश्यकता हुई, तो हाईवे पर नई पुलिस चौकियां या थाने खोलने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
औद्योगिक शांति और आपसी सामंजस्य
बाड़मेर के औद्योगिक महत्व और रिफाइनरी जैसे प्रोजेक्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि विकास के साथ आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि उद्योगों के बीच कोई टकराव न हो। पुलिस प्रशासन विकास और नियंत्रण के बीच संतुलन बनाकर काम करेगा।