शहनाई पर 36 दिन का ब्रेक:"शहनाइयों पर लगा 36 दिन का 'ब्रेक'! जानिए क्यों 15 जून तक नहीं गूंजेंगे विवाह के बैंड-बाजे"; 19 जून से शुरू होंगे विवाह के सीमित मुहूर्त
ज्येष्ठ अधिक मास के कारण 15 जून तक मांगलिक कार्यों पर विराम; जून-जुलाई में केवल 18 दिन रहेंगे सावे
यदि आप इस वर्ष शादी-विवाह या किसी अन्य मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रविवार, 17 मई से ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) प्रारंभ होने जा रहा है। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य सभी मांगलिक आयोजनों पर अगले 36 दिनों के लिए पूरी तरह से विराम लग जाएगा। अब शादियों की शहनाई सीधे 19 जून से गूंजेगी।
ज्योतिषविदों के अनुसार, वर्ष 2026 में सनातन धर्मावलंबियों को मांगलिक कार्यों के लिए बेहद सीमित समय मिलेगा। इस साल मई से दिसंबर के बीच तीन बड़े कारणों—अधिक मास, गुरु तारा अस्त और देव शयन—की वजह से लंबे समय तक शादियां नहीं हो सकेंगी।
भड़ली नवमी पर भी नहीं होगा अबूझ सावा
विद्वान ज्योतिषियों के अनुसार, विक्रम संवत 2083 में ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस अवधि में सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह निषेध माने गए हैं। आमतौर पर आषाढ़ मास की भड़ली नवमी को विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है, लेकिन इस बार दो ज्येष्ठ होने और कर्क संक्रांति के बाद भड़ली नवमी आने के कारण इस दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (12 जुलाई) तक ही शादियों के योग हैं। 19 जून से 12 जुलाई के बीच कुल 18 दिन ही विवाह संपन्न हो सकेंगे।
जानिए, कब-कब बंद रहेंगे मांगलिक कार्य?
- 17 मई से 15 जून: ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कारण ब्रेक।
- 16 जुलाई से 8 अगस्त: गुरु तारा अस्त रहने के कारण शुभ कार्य वर्जित।
- 25 जुलाई से 20 नवंबर: देवशयनी एकादशी और चातुर्मास के कारण चार महीने तक विवाह पूरी तरह बंद रहेंगे।
पंचांग के अनुसार: यह है विवाह मुहूर्तों की पूरी सूची
पंचांग गणना के अनुसार, सूर्य संक्रांतियों (कर्क, सिंह, कन्या, तुला, धनु और मीन) और गुरु-शुक्र तारे के अस्त होने के दौरान विवाह वर्जित होते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर (365 दिन 6 घंटे) और चंद्र वर्ष (354 दिन) के बीच हर साल आने वाले 11 दिनों के अंतर को संतुलित करने के लिए इस बार अधिक मास आया है। वर्ष के उत्तरार्ध में केवल निम्नलिखित तारीखों पर ही सावे उपलब्ध रहेंगे:
महीना विवाह की शुभ तिथियां (मुहूर्त)
- जून- 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 जून
- जुलाई- 01, 02, 06, 07, 08, 11 और 12 जुलाई
- नवंबर -20, 21, 22, 24, 25, 26 और 30 नवंबर
- दिसंबर - 01, 02, 03, 04, 05, 06, 09, 10, 11 और 12 दिसंबर
ज्योतिषाचार्य विशेषज्ञ मत:
"पंचांग में शुभ कार्यों का निर्धारण सूर्य और चंद्रमा की गति के आधार पर होता है। इस वर्ष ग्रहों की स्थिति और चार महीने के चातुर्मास के कारण नवंबर और दिसंबर में भी बहुत सीमित मुहूर्त मिल रहे हैं। ऐसे में परिवारों को समय रहते विवाह की तैयारियां और बुकिंग पूरी कर लेनी चाहिए।"


