सवाई माधोपुर: त्रिनेत्र बालगृह में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, एक्सपायरी आटा और फंगस लगा कैसरोल मिला, नष्ट करवाया आटा
सवाई माधोपुर / राजस्थान
शहर की कृष्णमपुरम कॉलोनी स्थित 'त्रिनेत्र बालगृह' में बच्चों के स्वास्थ्य और अधिकारों के साथ किए जा रहे गंभीर खिलवाड़ का पर्दाफाश हुआ है। सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में बालगृह की डरावनी तस्वीर सामने आई, जहाँ मासूमों को एक्सपायरी डेट का आटा खिलाया जा रहा था।
रसोई में मिला एक्सपायरी आटा और फंगस
निरीक्षण के दौरान जब सचिव रसोईघर पहुँचीं, तो वहाँ एक्सपायरी आटा रखा मिला, जिससे बच्चों के लिए रोटियाँ बनाई जा रही थीं। मामले की गंभीरता देख तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेदप्रकाश पूर्वियां को टीम सहित मौके पर बुलाया गया और दूषित आटे को तत्काल नष्ट करवाया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि रोटियाँ रखने वाले कैसरोल में फंगस जमी हुई थी, जो बच्चों को बीमार करने के लिए काफी थी।
रजिस्टर में 'प्रेजेंट', मौके से नर्सिंग ऑफिसर गायब
बालगृह के रिकॉर्ड और वास्तविकता में भारी अंतर पाया गया:
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नर्सिंग ऑफिसर की लापरवाही: स्टाफ रजिस्टर में नर्सिंग ऑफिसर ललित भारद्वाज के हस्ताक्षर थे, लेकिन बच्चों ने बताया कि वे 3-4 दिनों से ड्यूटी पर आए ही नहीं।
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स्वास्थ्य परीक्षण में खानापूर्ति: पूर्व में दिए गए मेडिकल चेकअप के निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बच्चों का केवल हाइट और वजन नापकर औपचारिकता पूरी कर ली गई।
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वस्त्र वितरण में घोटाला: रजिस्टर में बच्चों को दो-दो सेट कपड़े और टॉवल देना दर्ज था, जबकि बच्चों ने बताया कि कई को कुछ मिला ही नहीं और जिन्हें मिला, उन्हें सिर्फ एक सेट दिया गया।
डाइट चार्ट से गायब फल और मिठाई, गंदगी का अंबार
निरीक्षण में सामने आया कि बच्चों को डाइट चार्ट के अनुसार भोजन, फल और विशेष आहार नहीं दिया जा रहा है। यहाँ तक कि साबुन, शैम्पू और हेयर ऑयल जैसी बुनियादी चीजें भी बच्चों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। बालगृह के बाथरूम और टॉयलेट से उठ रही तीव्र दुर्गंध ने वहाँ की बदहाल सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी।
संस्था सचिव को फटकार, विभागीय कार्रवाई शुरू
इन तमाम अनियमितताओं पर सचिव समीक्षा गौतम ने संस्था सचिव हरीश उपाध्याय और मौजूद स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य परीक्षण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने बालगृह के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


