मुनि प्रसन्न कुमार जी की गुणानुवाद सभा में उमड़ा जन-सैलाब, श्रद्धा और संकल्प के साथ दी गई श्रद्धांजलि
पड़ासली/राजसमंद (पप्पू लाल कीर) तेरापंथ धर्मसंघ के तपस्वी संत मुनि प्रसन्न कुमार जी के देवलोकगमन के उपलक्ष्य में पढ़ासली स्थित तेरापंथ भवन में एक विशाल गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। तेरापंथ सभा एवं महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सभा में मेवाड़, मुंबई और सूरत सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मुनि श्री के प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा को संबोधित करते हुए मुनि संजय कुमार जी ने कहा कि मुनि प्रसन्न कुमार जी का जीवन निष्कलंक, जागरूक और प्रेरणा का पुंज था। उनका जाना धर्मसंघ के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने मुनि श्री को सच्ची श्रद्धांजलि देने के रूप में उपस्थित जनसमूह को नशा और क्रोध त्यागने का संकल्प दिलाया।
मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने "बस इतना ही संग था हमारा तुम्हारा" गीत के माध्यम से वातावरण को भावुक कर दिया। उन्होंने मुनि श्री को एक निर्भीक, पापभीरु और दबंग संत के रूप में याद किया। वहीं, मुनि प्रकाश कुमार जी ने हाजरी वाचन करते हुए उनके संघ-समर्पण की सराहना की।
भिक्षु बोधि स्थल राजनगर के अध्यक्ष हर्षलाल नोलखा ने आचार्य महाश्रमण द्वारा प्रेषित विशेष संदेश का वाचन किया। कार्यक्रम में राजनगर, आमेट, दिवेर और घाटकोपर के प्रतिनिधियों सहित स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार रखे।इस दौरान पूर्व अध्यक्ष गुणसागर जी जैन ने मुनि श्री के जीवन परिचय से सबको अवगत कराया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने सुमधुर तेरापंथ गीत प्रस्तुत किया। विद्यालय की ओर से सकल जैन समाज और तेरापंथ सभा का सम्मान किया गया। मुनि श्री के भ्राता कुंदनलाल जी श्रीमाल, दीक्षार्थी बाबूलाल जी बापना सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने किया। सभा का समापन सभी उपस्थित जनों द्वारा मुनि श्री के बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।


