प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज (छाणी) का 82वां समाधि दिवस 17 मई को देशव्यापी स्तर पर मनाया जाएगा
इन्दौर (कमलेश जैन) उत्तर भारत के प्रथमाचार्य एवं समाधि सम्राट परम पूज्य श्री शांतिसागर जी महाराज (छाणी) का 82 वाँ समाधि दिवस आगामी 17 मई (रविवार) को संपूर्ण भारत में पूरी श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। यह भव्य आयोजन भारत गौरव, परम पूज्य स्वस्ति धाम प्रणेता आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के पावन आशीर्वाद एवं कुशल निर्देशन में संपन्न होगा।
अखिल भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय मंत्री श्री हंसमुख गांधी (इन्दौर) ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पुण्य अवसर पर प्रातः 7:30 बजे से 'आचार्य छत्तीसी विधान' का विशेष आयोजन किया जा रहा है। मुख्य रूप से दिगम्बर जैन समवशरण मंदिर (कंचन बाग, इन्दौर), सहारनपुर, जहाजपुर, केशोरायपाटन, कोटा, बांसवाड़ा सहित देश के विभिन्न राज्यों के अनेक नगरों और जिनालयों में इस विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न होंगी।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री श्री उदयभान जैन ने बताया कि समाज के वरिष्ठ श्रेष्ठी श्री हंसमुख गांधी जी ने इन्दौर सहित संपूर्ण भारत के सभी दिगम्बर जैन जिनालयों के अध्यक्ष, मंत्री और प्रबंध कमेटियों से विशेष आग्रह किया है। उन्होंने निवेदन किया है कि इस पावन दिवस पर देश के सभी मंदिरों में विशेष विधान, आचार्य चालीसा, भक्ति पाठ एवं महाआरती का आयोजन कर आचार्य श्री के चरणों में अपनी विनयांजलि अर्पित करें।
समाज के सभी प्रबुद्ध जनों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे समय पर उपस्थित होकर धर्म लाभ लेवें।


