जिला आपदा प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित; अधिकारी मानसूनकाल की स्थिति को ध्यान में रख आपदा प्रबंधन में जुटें- अतिरिक्त कलक्टर
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) मानसून के दौरान अतिवृष्टि एवं बाढ़ से बचाव के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक उपायों की तैयारियों की समीक्षा बैठक अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गई। जिसमें विभागवार अधिकारियों को दायित्व निर्धारित करते हुए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन ने कहा कि गत वर्ष मानसूनकाल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारी कर संभावित अतिवृष्टि एवं बाढ़ से निपटने के लिए बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम समय रहते पूर्ण करें। बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री एवं उपकरण जैसे मोटर बोट, लाईफ जैकेट, रस्सियां एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता अभी से सुनिश्चित की जाये। उन्होंने एसडीआरएफ को गोताखोरों के इंतजाम के साथ ही खोज एवं बचाव दलों को प्रशिक्षण देकर समय-समय पर दक्षता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी मानसून के आने से पूर्व ही बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए जाये।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपदा एवं बाढ़ से बचाव के संबंध में पूर्व तैयारी करते हुए योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि आपदा के समय उनका समुचित उपयोग किया जा सके। चिकित्सा विभाग चिकित्सक टीम एवं पर्याप्त दवाईयों का स्टॉक सुनिश्चित करें और आवश्यकता होने पर परिवहन व्यवस्थाएं उपलब्ध कराए। पशुपालन विभाग बरसात के मौसम में मवेशियों में होने वाली बीमारियों को ध्यान रखते हुए आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी आपदा से निपटने के समुचित प्रबंध रखे जावे, ताकि जरूरत पडने पर यहां लोगों को पहुंचाकर राहत दी जा सके। जल भराव वाले स्थानों को चिन्हित कर जल निकासी एवं अन्य वैकल्पिक वयवस्थाओं को तैयार रखें। उन्होंने कहा कि अधिकारी वर्षाकाल के दौरान हर स्थिति पर नजर बनाएं रखकर उन स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें जहां पूर्व के वर्षों में जल भराव की स्थितियां बनी हो।
उन्होंने जल संसाधन विभाग को सभी बांधों का टीम के साथ निरीक्षण कर गेटों, पानी बहाव के क्षेत्रों को निरीक्षण करने, मिट्टी के कट्टे भरकर तैयार करने के निर्देश दिए। जिन बांधों अथवा तालाब में गेट नहीं है उनके समीप निवास करने वाली आबादी के लिए सुरक्षित जगह का चयन करके रखा जावे। बंाधों तक पहुंचने वाली संपर्क सड़के भी दुरूस्त करवाई जावे।
नाली व नालों की सफाई तुरंत कराएं
अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन ने बीडीए, नगर निगम एवं नगरपालिका क्षेत्रों में स्थित नालियों एवं नालों की सफाई का कार्य प्राथमिकता के साथ तुरंत करवाने तथा सफाई के बाद निकलने वाले कचरे को अन्य स्थानों पर डालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की अच्छी तरह से सफाई हो, ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके।
संकेतक लगाएं, सुरक्षा व्यवस्थाएं हो बेहतर
अतिरिक्त कलक्टर ने निर्देश सड़कों की रपट एवं अधिक बहाव वाले नदी-नालों के किनारे सुरक्षा संकेतक लगवानें, जिले में जिन पर्यटक स्थलों पर लोगों की ज्यादा आवाजाही हो, वहां सुरक्षा की व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए। इन स्थलों पर सुरक्षा के तय मानकों की सख्ती से पालना करवाना भी सुनिश्चित कराई जाये, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सका।
मानसून से पूर्व करें विकास कार्य पूर्ण-
अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी ने कहा कि मानसून मौसम के आने से पूर्व ही शहर में चल रहे विकास कार्याे को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए, साथ ही ऐसे नये कार्य प्रारंभ नहीं किए जाएं जिससे आमजन को बरसात के मौसम में समस्या पैदा हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पोल तिरछे है तथा टूटे हुए उनकों भी शीघ्र बदला जाए, जल भराव क्षेत्र में लगे हुए ट्रांसफार्मरो को चिन्हित करें। ट्रांसफार्मरो को सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाई पर स्थापित किया जाये। उन्होंने विद्युत लाइनों की सीमा क्षेत्र में आ रही पेड़ पौधों की टहनियों की छटनी करने के निर्देश दिए ताकि जिले में बरसात के मौसम के दौरान आमजन को विद्युत आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी नहीं आए। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई, एसीईओ जिला परिषद रेखारानी, एसडीएम भारती भारद्वाज, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग बनैसिंह, बीडीए योगेश माथुर, डीएसओ पवन अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


