आचार्य श्री इन्द्रनन्दी जी महाराज का पिपलाई में भव्य मंगल प्रवेश; सामाजिक समरसता और प्रशासनिक समन्वय की दिखी अनूठी मिसाल
बामनवास/पिपलाई (गंगापुर सिटी ) श्रमण तपस्वी आचार्य 108 श्री पदमनन्दी जी महाराज के शिष्य, वात्सल्य मूर्ति आचार्य 108 श्री इन्द्रनन्दी जी महाराज का ससंघ मंगल विहार के दौरान आज पिपलाई कस्बे में भव्य प्रवेश हुआ। निवाई से श्रीमहावीरजी की ओर अग्रसर इस श्रमण संघ में पूज्य श्रमण उत्कृष्ठ नन्दी जी और नाभिनन्दी जी महाराज के सानिध्य ने श्रावकों को हर्षोल्लास से भर दिया।
पिपलाई स्थित दिगंबर जैन मंदिर में प्रवेश के पश्चात श्रमण संघ ने भगवान के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। आचार्य श्री के सानिध्य में विश्व शांति हेतु 'वृहत शांतिधारा' का आयोजन किया गया, जिसका सौभाग्य मंदिर प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान संपूर्ण मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
पिपलाई में एक बार फिर सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। गुर्जर समुदाय ने उदारता दिखाते हुए श्रमण संघ की आहार चर्या को निर्विघ्न संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से ज्योति शिक्षण संस्थान के निदेशक अखलेश गुर्जर ने आहार चर्या की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
भीषण गर्मी और 'हीटवेव' को देखते हुए बामनवास उपखण्ड प्रशासन ने श्रमण संघ के स्वास्थ्य और सुरक्षा हेतु पुख्ता प्रबंध किए। जैन समुदाय एवं अल्पसंख्यक वर्ग ने उपजिला कलेक्टर सहित उपखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों और गुर्जर समाज का इस कुशल समन्वय के लिए आभार व्यक्त किया।
आचार्य श्री इन्द्रनन्दी जी महाराज का ससंघ मंगल विहार निरंतर जारी है। आगामी दिनों में श्रीमहावीरजी क्षेत्र में वात्सल्य मूर्ति आचार्य श्री और गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी ससंघ का ऐतिहासिक और मनोहारी मिलन होगा, जिसकी प्रतीक्षा समस्त जैन समाज कर रहा है।
इस अवसर पर संघपति महेन्द्र जैन चंवरिया, शैलेन्द्र पाटनी, गुणमाला चंवरिया, इंद्रा चंवरिया, प्रेम जी लावा, इन्दु झिलाय, रानू जैन, एकता जैन (निदेशक, वर्धमान कोचिंग), अभिनन्दन जैन सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।


