गिव अप अभियान बना सामाजिक न्याय की मिसाल, 37 लाख से अधिक अपात्रों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 65 लाख नए पात्र जुड़े

खैरथल तिजारा जिले में 49,312 संपन्न व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का किया त्याग,अभियान की अवधि अब 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई।

Oct 9, 2025 - 14:07
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गिव अप अभियान बना सामाजिक न्याय की मिसाल, 37 लाख से अधिक अपात्रों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 65 लाख नए पात्र जुड़े

खैरथल (हीरालाल भूरानी) 
          मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे “गिव अप अभियान” सामाजिक न्याय, स्वैच्छिक त्याग और गरीबों की सेवा की एक ऐतिहासिक पहल बनकर उभरा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित इस अभियान में अब तक 37.62 लाख अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया है। इसके परिणामस्वरूप 65.25 लाख नए पात्र वंचित परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है।
         खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” का उद्देश्य सेवा और संवेदनशीलता के साथ निर्धन को उसका हक पहुंचाना है।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि खाद्य सुरक्षा का लाभ केवल वास्तविक हकदारों तक ही पहुंचे।
         उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा के अनुरूप 10 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य विभाग ने समय से पहले ही पूरा कर लिया। अभियान की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए इसकी अवधि 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दी गई है।

खैरथल-तिजारा जिले में उल्लेखनीय उपलब्धि-  जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यहां 49,312 संपन्न व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का त्याग किया है। इन रिक्त स्थानों से 42,010 पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंच सका है।

अभियान से गरीबों का जीवन स्तर सुधरा-   नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा के साथ मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना (10 लाख रुपये तक का बीमा) और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा भी प्राप्त हो रही है। इससे वंचित परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठ रहा है और वे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

वसूली व सत्यापन को लेकर सख्त निगरानी-   विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो अपात्र व्यक्ति 31 अक्टूबर तक स्वेच्छा से गिव अप नहीं करेंगे, उनसे 1 नवम्बर से 30.57 रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं की दर से वसूली की जाएगी। अपात्रों की सूची पंचायत समितियों, नगर पालिकाओं व रसद कार्यालयों में चस्पा की जाएगी और विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
 नाम जोड़ना और हटाना हुआ आसान- पहली बार विभाग ने नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया है। पात्र व्यक्ति अब ई-मित्र केंद्रों या सीधे विभागीय पोर्टल https://food.rajasthan.gov.in पर आवेदन कर सकता है। जांच के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों स्तरों पर दल गठित किए गए हैं। जिला कलेक्टर को भी पात्र लाभार्थियों के नाम जोड़ने का अधिकार दिया गया है।
  इन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ- सरकार या स्वायत्त संस्थाओं में नियमित कर्मचारी, एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक पेंशन पाने वाले, आयकरदाता, चारपहिया वाहन (ट्रैक्टर/एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर) रखने वाले तथा जिनकी कुल पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक है — ऐसे परिवार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपात्र माने जाएंगे।
         सघन पर्यवेक्षण और व्यापक प्रचार- अभियान की निगरानी के लिए संभागीय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। मंत्री श्री गोदारा अब तक 32 जिलों का दौरा कर चुके हैं और जिलेवार प्रगति की समीक्षा की है। जिला स्तर पर बैठकों, सोशल मीडिया, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय भाषाओं के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति योजना से जुड़ सकें।

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