कारगिल विजय दिवस पर अनूठी पहल: केबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की प्रेरणा से स्कूली बच्चों ने शहीद परिवारों के नाम लिखे पत्र और बनाए चित्र
जयपुर:राजस्थान
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को एक बेहद भावुक और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों और गौरव सेनानियों ने मिलकर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट किया। इस दौरान बच्चों ने अपने हाथों से पत्र लिखकर और चित्र बनाकर देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को नमन किया।
बच्चों ने पत्रों और चित्रों के जरिए बयां की भावनाएं
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों ने अपनी कला और शब्दों के माध्यम से शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। किसी बच्चे ने पत्र लिखकर शहीदों को धन्यवाद दिया, तो किसी ने तिरंगे, भारतीय सैनिक और कारगिल विजय से जुड़े भावुक चित्र बनाकर अपनी भावनाएं प्रदर्शित कीं। इन सभी संदेशों को अब कारगिल के शहीद परिवारों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें यह अहसास कराया जा सके कि पूरा देश उनके त्याग और बलिदान को आज भी गर्व के साथ याद करता है।
शहीद राष्ट्र की आत्मा हैं: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि शहीद केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे इस राष्ट्र की जीवंत आत्मा हैं। उनके परिजनों का धैर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति पूरे देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने आगे कहा, जब बच्चे किताबों से आगे बढ़कर शहीदों के परिवारों के लिए अपने हाथों से पत्र लिखते हैं और भावनाएं व्यक्त करते हैं, तब देशभक्ति केवल एक विचार नहीं बल्कि जीवन का संस्कार बन जाती है। यही हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऐसा भारत बनाने का संकल्प है जो अपने वीर सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
दो मिनट का मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित सभी नागरिकों, विद्यार्थियों और गौरव सेनानियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया और उनके परिवारों के प्रति अटूट सम्मान व्यक्त किया।

