जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवा शिविरों एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक राज्य स्तरीय रैंकिंग में जिले की स्थिति हो बेहतर
भरतपुर, 9 अक्टूबर। राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी सेवा शिविरों, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों तथा आमजन से जुड़ी आवश्यक सेवाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु जिला कलक्टर कमर चौधरी ने वीसी के माध्यम से उपखंड अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित की समस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा सेवा शिविरों में अधिकतम लाभार्थियों को मौके पर ही समाधान उपलब्ध कराया जाए।
जिला कलक्टर ने ई-गिरदावरी, पट्टे वितरण, फार्मर रजिस्ट्री, फसल बीमा, भवनों की मरम्मत, रंगरोगन, सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, सहकारिता, स्वच्छता एवं जनकल्याण से संबंधित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। कलक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करें, ताकि योजनाओं की प्रगति में गति आए और राज्य स्तरीय रैंकिंग में जिले की स्थिति बेहतर हो। उन्होंने सेवा शिविरों के आयोजन से पूर्व प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए कहा कि आमजन तक जानकारी पहुंचे ताकि वे योजनाओं का लाभ उठा सकें। शिविरों के दौरान सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहकर मौके पर समस्याओं का निस्तारण करें।
कल्याणकारी योजनाओं का मिले लाभ-
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग को टीम भावना से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए यूडीआईडी कार्ड जारी करने हेतु विकलांगता प्रमाणन कार्य की प्लानिंग एएनएम और ब्लॉक सीएमएचओ मिलकर करें। उन्होंने कहा कि पात्र दिव्यांगजन को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रगति लाने के निर्देश दिए ताकि गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का व्यापक प्रचार किया जाए, जिससे गरीब, विधवा या परित्यक्ता महिलाओं को विवाह हेतु राज्य सरकार की वित्तीय सहायता का लाभ मिल सके। यह योजना समाज के कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का माध्यम है।
उन्होंने वित्तीय एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों का सर्वे शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने विधायक, सांसद एवं स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के तहत स्वीकृत राशि से विद्यालयों की मरम्मत हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर तक वित्तीय समावेशन एवं जन सुरक्षा सेचुरेशन अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा बैंक अधिकारियों से समन्वय बनाकर पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाए।
सेवा शिविर की करें सतत मॉनिटरिंग-
उन्होंने नगर निकाय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी सेवा शिविरों में 69ए, स्टेट ग्रांट पट्टे, आबादी क्षेत्रों में आवासीय एवं वाणिज्यिक पट्टा वितरण प्राथमिकता से किया जाए। नदबई, बयाना एवं रूपवास के अधिशासी अधिकारियों को इस कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उच्चैन अधिशाषी अधिकारी को नालों की सफाई एवं वर्षा से क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को कहा कि भारी बारिश से प्रभावित फसलों का आंकलन कर ई-गिरदावरी एवं फार्मर रजिस्ट्री शिविरों में प्रगति लाएं। फसल नुकसान का सटीक आंकलन और किसानों को पारदर्शी मुआवजा सुनिश्चित करने में ई-गिरदावरी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पीएम फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि योजना के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व वसूली के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही नामांतरण, सीमाज्ञान, रास्ता, पत्थरगढ़ी, इजराय, सीलिंग, गैर-खातेदारी से खातेदारी, भू रूपांतरण एवं न्यायालय में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। ऑनलाइन म्यूटेशन एवं पंजीयन प्रकरणों का भी समय पर निस्तारण करने पर बल दिया।
त्यौहार से पूर्व रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य करें पूर्ण-
जिला कलक्टर ने कहा कि दीपावली से पूर्व विद्यालयों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार रंगरोगन एवं मरम्मत कार्य पूर्ण किए जाएं। इसके लिए उपखंड अधिकारी, बीडीओ एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों और सरपंचों से समन्वय स्थापित करें। बारिश से क्षतिग्रस्त सरकारी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत भामाशाहों के सहयोग और आवंटित बजट से कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर जलभराव या क्षतिग्रस्त सड़कों की सूचना पीडब्ल्यूडी ऐप्स या संबंधित विभाग को भेजी जाए ताकि शीघ्र मरम्मत एवं जल निकासी सुनिश्चित की जा सके। उपखंड अधिकारी अपने क्षेत्र की नवनिर्मित सड़कों की गुणवत्ता जांचकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय में पोर्टल पर अपलोड करें ताकि जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, एसीईओ रेखा रानी, आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई, सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर, तहसीलदार पायल जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- कोशलेन्द्र दत्तात्रेय


